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डोली उठने के अगले ही दिन उठ गई अर्थी

Wed, 11 May 2016 01:10 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
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दुल्हन मनीता का घ्‍ार - फोटो : amar ujala
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खुशियां मिली और एक दिन में ही सबकुछ लूटकर ले गई। कुरुक्षेत्र के न्यू शांतिनगर निवासी मनीता के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। सोमवार को खुशियों के हजारों रंग लेकर डोली में विदा हुई मनीता पगफेरा भी नहीं कर पाई और अगले ही दिन मंगलवार को हुए दर्दनाक हादसे में उसका सुहाग उजड़ गया। एक दिन पहले दुल्हन बनी वह खुद भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। हादसे में उसने अपना बड़ा भाई भी खो दिया। परिजन हादसे की सूचना पर दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। यहां घर में दो-तीन रिश्तेदार और आस पड़ोस की महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल है। 
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कुरुक्षेत्र न्यू शांतिनगर निवासी बलजीत की इकलौती बेटी मनीता की सोमवार को सेक्टर-13 में गांव जमालपुर (हिसार) निवासी 32 वर्षीय उमेद के साथ धूमधाम से शादी हुई थी। पिता ने अपनी लाड़ली बेटी के लिए सरकारी नौकरीपेशा वर तलाशा। खुद भी सरकारी सेवाओं से रिटायर हुए। बेटी मनीता ने सोशलॉजी में नेट किया था। मनीता के परिजनों ने खुशी-खुशी ढ़ेरों दुआएं देकर बेटी को विदा किया था। 

एक पल में बिखर गई खुशियां 
बताया जाता है कि रस्म के मुताबिक दुल्हन मनीता के भाई और अन्य रिश्तेदार पगफेरा कराने के लिए मंगलवार को अपनी बहन को लेने गए थे। वहां से बोलेरो कार में मनीता, उसका पति उमेद, भाई धर्मबीर सहित दोनों पक्ष के कई रिश्तेदार भी कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए थे। जानकारी के मुताबिक गांव गगनखेड़ी के पास बोलेरो का संतुलन बिगड़ा और वह एक पेड़ से टकरा गई। यहां मौजूद मनीता के ममेरे भाई सन्नी ने बताया कि हादसे में मनीता के पति उमेद, भाई धर्मबीर सहित कुल चार लोगों की मौत हो गई। मनीता की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। 
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घर में छाया मौत का सन्नाटा 
हादसे की खबर लगते ही शांतिनगर स्थित मनीता के घर में कोहराम मच गया। पिता सहित अन्य परिजन तुरंत यहां से रवाना हो गए। मनीता की मां की स्थिति को देखते हुए उसे यहीं छोड़ा गया। यहां मनीता की मां सहित दो अन्य रिश्तेदार महिलाएं हैं। जिनका रो रोकर बुरा हाल हो गया है। हादसे की सूचना पर आस पड़ोस के लोग भी सांत्वना देने पहुंचे। लेकिन घर में मौत का सन्नाटा इस कदर छाया हुआ है कि सिर्फ रोने की ही आवाजें हैं। कोई किसी से बात करने की स्थिति में भी नहीं है।
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