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Kurukshetra News: साइबर ठगी मामले में चार अभियुक्तों को जमानत, शिकायतकर्ता के साथ हो चुका समझाैता

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कुरुक्षेत्र। जिला सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अदालत ने साइबर ठगी के एक मामले के चार अभियुक्तों को 50 हजार रुपये के जमानती बाॅन्ड व एक स्थानीय जमानती के आधार पर नियमित जमानत दी है। अभियुक्त महिपाल, सचिन, सुनील कसनिया और राहुल के खिलाफ 7 अगस्त को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद उन्हें पुलिस ने काबू किया था। अभियुक्तों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 61(2) और 238(2) के तहत आरोप लगाए गए हैं।



एनआईटी के रहने वाले शिकायतकर्ता विवेक वाधवानी ने 17 मई को पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि उन्हें एक अज्ञात मोबाइल नंबर से एक व्हाट्सएप कॉल आया जिसने लाभ का लालच देकर उनसे 63,400 रुपये ठग लिए और फिर फोन बंद कर लिया। जांच में पता चला कि शिकायतकर्ता के खाते से 20 हजार रुपये महिपाल के बैंक खाते में जमा हुए। महिपाल ने खुलासा किया कि उन्होंने यह खाता सचिन को बेचा था जिसके बाद अन्य अभियुक्तों की संलिप्तता सामने आई।
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12 सितंबर को सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। राहुल से 5,800 रुपये और एक मोबाइल जबकि सुनील कसानिया से चार बैंक पासबुक, पांच सिम कार्ड, सात एटीएम कार्ड और एक वीवो मोबाइल बरामद किया गया। अभियुक्तों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अभियुक्तों को झूठा फंसाया गया है। शिकायत में उनका नाम नहीं था और बरामदगी झूठी है। उन्होंने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता के साथ समझौता हो चुका है। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने पुष्टि की कि विवेक वाधवानी ने शपथपत्र दायर कर कहा कि गलतफहमी के कारण शिकायत दर्ज करवाई थी और उन्हें जमानत पर कोई आपत्ति नहीं है।
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लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध किया लेकिन न्यायाधीश ने माना कि जांच पूरी हो चुकी है। मुकदमा लंबा चलेगा व समझौते के कारण हिरासत में रखना अनुचित है। अभियुक्तों को 50 हजार रुपये के बांड और एक स्थानीय जमानती के साथ जमानत दी गई।
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