ज्योतिराम कटारिया की फाइल फोटो।
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स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व पार्षद एवं जनसंघी ज्योतिराम कटारिया नहीं रहे। उन्होंने 97 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहा दिया। कटारिया ने अपने पैतृक गृह लाडवा में अंतिम सांस ली। ज्योतिराम कटारिया भाजपा नेता एवं तीन बार के सांसद रहे स्वर्गीय रतनलाल कटारिया के पिता थे। 18 मई 2023 को रतनलाल कटारिया का भी निधन हो गया था। दिवंगत के बेटे सुरेश कटारिया ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
सुरेश कटारिया ने बताया कि उनके पिता ज्योतिराम कटारिया स्वाभिमानी एवं मेहनती किस्म के इंसान थे। 97 वर्ष की आयु में भी वह अपने रोजमर्रा के काम अपने अपने आप करते थे और जीवन के अंतिम वर्षों में भी वह अपने पैतृक व्यवसाय से जुड़ रहे। वे पिछले लगभग एक महीने से बीमार चल रहे थे। ज्योतिराम कटारिया शुरू से ही आरएसएस स्वयंसेवक रहे और जन संघी रहकर देश सेवा करते रहे।
अंतिम संस्कार में शामिल हुईं सुमन सैनी
सुरेश कटारिया ने बताया कि पिछले 20 महीनो में उनके परिवार से उनके बड़े भाई रतनलाल कटारिया एवं उनके पिता के अकस्मात जाने से परिवार को गहरा धक्का लगा है। वही मुख्यमंत्री नायब सिह सैनी की पत्नी सुमन सैनी ने भी दिवंगत के संस्कार में शामिल होकर परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि ज्योतिराम कटारिया पुराने आरएसएस स्वयंसेवक एवं जनसंघी रहे है। उन्होंने पूरा जीवन आरएसएस में रहकर देश सेवा की।
मेहनती इंसान थे कटारिया
उन्होंने कहा कि ज्योतिराम कटारिया स्वाभिमानी एवं मेहनती किस्म के इंसान थे। उनके बड़े बेटे स्वर्गीय रतनलाल कटारिया के सांसद रहते हुए भी उन्होंने अपने पैतृक व्यवसाय को नहीं छोड़ा। उनके जाने से परिवार व पार्टी को अपूर्णीय क्षति हुई है।