धर्मनगरी पहुंचे 31 देशों के 55 सैलानियों ने कुरुक्षेत्र के दर्शनीय स्थलों का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान विदेशी सैलानी श्रीकृष्ण संग्रहालय, कुरुक्षेत्र पैनोरमा, शेख चेहली का मकबरा, हर्षवर्धन का टीला, हर्ष पार्क, मां भद्रकाली शक्तिपीठ पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने ब्रह्मसरोवर महाआरती और गीता जन्मस्थली ज्योतिसर के अवलोकन के साथ लाइट एंड साउंड शो का आनंद लिया। इससे पहले कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने 31 देशों से कुरुक्षेत्र भ्रमण पर पहुंचने वाले 55 विदेशी सैलानियों व इंडिया फाउंडेशन नई दिल्ली के सदस्य अपूर्व मिश्रा, दीपशिखा गोयल, प्राकेत आर्य, श्रुति आर्य, सृष्टि पुखरम, सिद्घार्थ सिंह, सोमया चर्तुवेदी, नवागम हार्डे को सोविनयर भेंट कर सम्मानित किया। शिष्ट मंडल के श्रीकृष्ण संग्रहालय पहुंचने पर ढोल की गूंज और फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया। यहां ढोल की थाप पर विदेशी मेहमान डांस करने लगे।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबडा ने कहा कि कुरुक्षेत्र की भूमि के 48 कोस में 134 तीर्थ और पर्यटल स्थल है और इनका रख-रखाव कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की तरफ से किया जा रहा है। इस भूमि के कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण का वास है और आज भी पूरे विश्व के लिए पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश प्रासंगिक है। श्रीकृष्ण संग्रहालय के क्यूरेटर राजेंद्र राणा ने पावर प्रेजिटेंशन के जरिए कुरुक्षेत्र के इतिहास और महाभारत के बारें में मेहमानों को विस्तृत जानकारी दी। इंडिया फाउंडेशन नई दिल्ली के सदस्य अपूर्व ने कहा कि कोटिल्य फ्लोस प्रोग्राम 2020 के तहत 17 देशों के 51 विदेशी मेहमान भ्रमण के लिए कुरुक्षेत्र आएं है। यह संस्था पूरे विश्व में भारत की विदेश नीति के तहत कार्य कर रही है। इस संस्था के साथ देश की जानमानी हस्तियां जुड़ी हुई है
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ये हैं 17 देशों के 55 मेहमान
इंडिया फाउंडेशन नई दिल्ली के प्रयासों से कोटल्या फ्लोस प्रोग्राम (केएफपी-2020) के तहत देशों जिनमें अफगानिस्तान, अर्जेंटाईना, आस्ट्रेलिया, बंगलादेश, ब्राजील, कंबोड़िया, कनाडा, चीन, कोलंबिया, डेनमार्क, भारत, इंडोनेशिया, इजराइल, जोर्डन, लाओ, मायनमर, नेपाल, नाईजीरिया, नार्वे, फिलिपींस, सिंगापुर, रूस, सोलूविन्या, सोवालिया, श्रीलंका, ताईवान, थाईलैंड, तुर्की, यूएई, यूके और यूएसए शामिल है, 55 लोगों ने कुरुक्षेत्र के तीर्थ और पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया है। ये प्रतिनिधि मंडल 26 जनवरी को भारत आया था तथा 3 फरवरी तक भारत का अवलोकन करेगा।