कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर का दृश्य। संवाद
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर 15 नवंबर से शुरू होने वाला अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव इस बार खास अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में दिखाई देगा, जहां पर्यटक आठ देशों की कला एवं संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे। इन देशों ने न केवल आमंत्रण स्वीकार किया है बल्कि सात देशों की ओर से सहमति पत्र भी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को मिल चुका है।
यही नहीं 15 से ज्यादा देशों के स्कॉलर भी धर्मनगरी में पहुंचेंगे, जो तीन दिन तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार में गीता के संदेश व सार्थकता पर मंथन करेंगे। संभावना जताई जा रही है कि यह सेमिनार 24 से 26 नवंबर तक होगा। इसके साथ विदेश मंत्रालय भी इस बार सीधे तौर पर महोत्सव में भागीदार होगा जिसके चलते महोत्सव का स्तर और भी बढ़ने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दायरा बढ़ने के चलते कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह पहला मौका होगा जब धर्मनगरी में इस स्तर पर महोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय विदेश मंत्रालय भी अपने स्तर पर खाका तैयार कर रहा है जबकि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से अभी से विदेशों से आने वाले शिल्पकारों के लिए स्टॉल दिए जाने से लेकर उनके व स्कॉलर के रहने व अन्य व्यवस्था की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अधिकतर राज्यों से पहुंचेंगे शिल्पकार व कलाकार : महोत्सव में देश के अधिकतर राज्य भागीदार होंगे, जो अपनी अद्भुत कला और संस्कृति को प्रस्तुत करेंगे। महोत्सव में मध्य प्रदेश सहभागी राज्य होगा और सहभागी देश पर इसी माह निर्णय ले लिया जाएगा। केडीबी ने उन राज्यों की भी सूची तैयार की है, जो आज तक महोत्सव का हिस्सा नहीं बने हैं।
प्रधानमंत्री मोदी को बुलाए जाने के प्रयास तेज : 21 दिन चलने वाले गीता महोत्सव का आगाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराए जाने की योजना है। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से प्रयास तेज कर दिए गए हैं। हालांकि अभी पीएमओ से पुष्टि नहीं की गई है लेकिन संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री के हाथों ही महोत्सव का शुभारंभ होगा।
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर का दृश्य। संवाद