मारकंडा नदी में लगातार उफान आ रहा है। मंगलवार को नदी में 19 हजार क्यूसिक पानी बहता रहा। देर शाम तक और ज्यादा पानी आने की उम्मीद जताई जा रही थी। गेज रीडर रोशन लाल ने बताया कि पहाड़ों पर बरसात चल रही है और आज देर सायं तक और ज्यादा पानी मारकंडा नदी में आ सकता है।
मारकंडा नदी में मुलाना नदी से पानी छोड़ा जाता है, क्योंकि यहां पर मारकंडा नदी, रून नदी, वेघना नदी और साढौरा नदी आपस में मिलती हैं जिस कारण पानी भारी मात्रा में एकत्रित हो जाता है, जिसे सुरक्षा की दृष्टि से आगे निकाला जाता है और यह पानी शाहाबाद की मारकंडा नदी में पहुंचता है। पहाड़ों पर झमाझम बरसात हो रही है। यह बाढ़ का पानी निकटवर्ती गांव कलसाना, मलिकपुर, गुमटी, कठवा, मुगलमाजरा के इलाकों में मार करता है और फसलों को नुकसान पहुंचाता है। मारकंडा नदी में पहाड़ों के पानी के साथ-साथ काला आम्ब और सढौरा नदी तथा वेघना नदी का भी पानी पहुंचता है। बताया गया कि पहाड़ों पर बरसात जारी है और मारकंडा नदी में पानी दोबारा फिर आ सकता है। बाड़ का पानी निकटवर्ती गांवों और बाजीगर कॉलोनी तथा मारकंडा कालोनी में नुकसान पहुंचाता है। यह बरसाती पानी गांव अरुप नगर, गुमटी, दयाल नगर, मुगलमाजरा, मदनपुर और मोहनपुर आदि गांवों के अलावा अनेक डेरे भी बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। जब भी मारकंडा नदी में ज्यादा पानी आता है तब ही कालोनी वासियों को इस की मार सहनी पड़ती है। पहाड़ों से छोड़ा गया पानी एवं बरसात का पानी निकटवर्ती बाजीगर कालोनी सहित गांव मुगल माजरा, गुमटी, मलिकपुर, रावा, कलसाना, कठवा, तंगौर, झरौली अरूपनगर, तथा नदी के साथ लगते गांवों में नुकसान पहुंचाता है। हर वर्ष यहां खेती कर रहे किसानों की फसल बरबाद हो जाती है और स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि पशुओं के चारे की समस्या भी आन पड़ती है। माननीय अदालत के आदेशानुसार मानइनिंग का कार्य बंद है। लेकिन कुछ समय के लिए खोला गया था जिससे मारकंडा नदी की सफाई भी हुई थी और इसकी गहराई भी बढ़ गई थी जिससे बाढ़ का पानी इसमें समा जाता था। गांव कठवा के सरपंच अमरिंद्र सिंह ने बताया कि सरकार को इस केस की पैरवी कर के माइनिंग का कार्य खुलवाना चाहिए जिससेे काफी पा नी मारकंडा नदी में ही समा जाता जिससे जल स्तर ऊंचा आता एवं सरकार को राजस्व भी मिलता। एक कारण मारकंडा नदी में लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे एवं सड़क विस्तारीकरण के चलते सभी पानी के निकासी के द्वार बंद होना शामिल है।
मारकंडा नदी के पानी की मार बाजीगर डेरे में, यहां के बाशिंदों की बढ़ी मुश्किलें
शाहाबाद मारकंडा लगातार उफन रही है, जिस कारण पानी नदी के साथ लगते बाजीगर डेरे में जा घुसा है। जिस कारण यहां रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डेरा निवासी बलविंद्र सिंह, सुखदेव सिंह, पवन कुमार, दर्शन, गुड्डी रानी, दविंद्र ने कहा कि मारकंडा नदी में जलभराव अधिक होने के कारण नदी के पानी की मार डेरा में हुई है, जिस कारण पानी डेरा के घरों में घुसा आया है। लोगों ने अपना सामान ऊंचे स्थानों और छतों पर रखा है। इसी कारण कुछ लोगों ने मारकंडा मंदिर में शरण ली है और अपने पालतू पशुओं को अन्य सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर बांधा है। डेरा निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी के बढ़ते पानी को देखते हुए डेरा वासियों को लिए राहत के पुख्ता प्रबंध किए जाएं।