कुरुक्षेत्र। पिछले तीन दिनों से जिले भर में भारी बारिश जारी है। इससे बाढ़ जैसे हालात बन गए। वहीं सोमवार सुबह आठ बजे तक सबसे ज्यादा इस्माईलाबाद क्षेत्र में 242 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं शाहाबाद 188 और पिहोवा में 184 मिमी पानी बरसा। थानेसर में 94 तो बाबैन में 21 मिमी बारिश दर्ज की गई। जलभराव में फंसे लोगों को टीम ने रेस्क्यू कर निकाला।
वहीं सोमवार को सुबह करीब 11 बजे फिर झमाझम बारिश शुरू हो गई और दोपहर तक जिले भर में 127 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से शहर ही नहीं गांवों में भी बाढ़ के हालात बने रहे। वहीं गत दिवस ही इस्माईलाबाद में मारकंडा तो लाडवा में राक्षी नदी के तटबंध टूट जाने से हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई और दर्जनों गांवों तक भी पानी पहुंच गया था। हालांकि रात को ही इस पानी को आगे निकालने के प्रयास शुरू हो गए थे। वहीं सोमवार को फिर तटबंधों की निगरानी के लिए टीमें तैनात की गई है।
जिला उपायुक्त पूरे हालात की मॉनिटरिंग करते रहे तो वहीं आपदा राहत कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया । नदियों के आसपास के लोगों को गत देर शाम को ही हालात से निपटने को लेकर अलर्ट कर दिया गया था तो अधिकतर एरिया को खाली भी कराया गया।
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शहर में यहा-यहां झेली परेशानी
राजेंद्र नगर, रेलवे रोड, सपड़ा कॉलोनी, विष्णु कॉलोनी, दयानंद कॉलोनी, न्यू कॉलोनी, पटेल नगर, बैंक कॉलोनी, सेक्टर 13, 17, झांसा रोड, पुराना बाजार, बिरला मंदिर चौक बाजार, मेन बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव रहा। राजेंद्र नगर सहित कई क्षेत्रों से नगर परिषद द्वारा मशीनें लगाकर पानी निकालने का भी प्रयास किया गया।
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सरस्वती नदी उफनाई, कॉलोनियों में घुसा पानी
सरस्वती नदी सोमवार को भी उफनाई रही। इससे चट्ठा कॉलोनी, राणा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में पानी भर गया। प्रतागढ़, सांवला गांव के भी हजारों एकड़ खेत जलमग्न हो गए। सरस्वती ओवरफ्लो देखकर खेड़ी मारकंडा गांव से लेकर कुबेर कॉलोनी, झांसा रोड के आसपास के लोगों में भी भय का माहौल बना रहा।
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एसवाईएल टूटने की फैलाई अफवाह
भारी बारिश व नदियों के तटबंध टूटने के चलते बाढ़ जैसे हालात बने रहे तो वहीं सोमवार को एसवाईएल टूटने की अफवाह भी सोशल मीडिया पर फैलाई गई, जिससे आसपास के शहर के एरिया से लेकर गांवों के लोगों में भी भय का माहौल बन गया। बाद में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गांव जोगना खेड़ा व आसपास के एरिया में नाला ओवरफ्लो होने से पानी का बहाव तेज रहा। नहर पूरी तरह से सुरक्षित है।