संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। फैमिली कोर्ट में नाबालिग की कस्टडी के पिछले पांच वर्षों से लंबित गार्जियनशिप विवाद का सफलतापूर्वक निपटारा कर दिया गया। यह मामला गार्जियन्स एंड वार्ड्स एक्ट के तहत दायर पिटीशन से संबंधित था जिसमें नाबालिग बच्चे की दादी ने उसकी कस्टडी बच्चे की मां से मांगी थी।
मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्रतिवादी मां ने दूसरी शादी कर ली थी और वह नाबालिग बच्चे के साथ अपने ससुराल में रह रही थी। कोर्ट ने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने के उद्देश्य से लगातार प्रयास किए और मां को नाबालिग को कोर्ट में पेश करने और अगली तारीखों पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए।
फैमिली कोर्ट ने नाबालिग बच्चे, उसकी मां और दादी से अलग-अलग बातचीत की और सभी पक्षों की काउंसलिंग कराई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मां, जो बच्चे की प्राकृतिक अभिभावक है, किसी भी प्रकार की अक्षमता से ग्रस्त नहीं है और बच्चे की कस्टडी के लिए उपयुक्त स्थिति में है।
दादी के बच्चे के प्रति स्नेह और चिंता को देखते हुए उन्हें मिलने का अधिकार दिए जाने पर भी जोर दिया गया।