कुरुक्षेत्र। तीन सप्ताह पूर्व सेक्टर-10 में इमिग्रेशन सेंटर पर फायरिंग करने के मामले में सीआईए ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मनकीत लोहान निवासी नारनौंद जिला जींद ने अपने साथियों के साथ बैठकर फायरिंग की साजिश रची थी तथा वारदात को अंजाम देने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी दी थी। इस मामले में सीआईए मनकीत समेत पांच आरोपियों को पकड़ चुकी है, जबकि फायरिंग करने का आरोपी संदीप पंडित फरार चल रहा है।
थाना शहर में 23 अक्तूबर को दर्ज शिकायत में साहब सिंह निवासी बोढ़ी ने बताया था कि उसका सेक्टर-10 में इमिग्रेशन कार्यालय है। दोपहर करीब सवा तीन बजे कार्यालय के बाहर आए बदमाश ने उसके कार्यालय पर छह-सात राउंड फायरिंग की थी। गोली लगने की वजह से कार्यालय के गेट पर लगा टफन ग्लास शीशा टूट गया था। ग्लास टूटने से उनका एक कर्मी भी जख्मी हो गया था। वारदात के बाद आरोपी अपने दूसरे साथ के साथ बाइक पर फरार हो गया था।
शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सीआईए-एक ने करते हुए 31 अक्तूबर को आरोपी सूरज निवासी हथौली जिला सहारनपुर को गिरफ्तार किया था। आरोपी सूरज से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल बरामद हुआ था। तीन दिन के रिमांड के दौरान सूरज से वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद हुई थी। इस बाइक को खरीदने के लिए सूरज के मौसेरे भाई काका राणा ने अमेरिका से उसके खाते में 15 हजार रुपये डाले थे। आरोपी ने यह बाइक साढ़े 14 हजार रुपये में खरीदकर देवीलाल पार्क कुरुक्षेत्र के गेट के सामने खड़ी कर दी थी। आगामी कार्रवाई करते हुए सीआईए-एक ने चार नवंबर को तीन और आरोपी दिवांश शर्मा व दिशांत को देवीलाल पार्क के पास से गिरफ्तार करके वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल बरामद किए थे। इन आरोपियों की निशानदेही पर टीम ने एक और आरोपी आशीष को ब्रह्मसरोवर के पास 18 मंजिला मंदिर की पार्किंग से गिरफ्तार किया था। अब टीम ने पांचवें आरोपी मनकीत को नारनौंद से काबू किया है।
मनकीत ने लगाई थी जिम्मेदारी
सीआईए-एक के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आशीष बाइक पर संदीप पंडित को लेकर सेक्टर-10 की मार्केट आया था तथा संदीप ने सेंटर पर फायरिंग की थी। आरोपी दिवांश शर्मा व दिशांत ने आशीष व संदीप को बाइक व असलहा दिया था। इस पूरी वारदात की साजिश मनकीत ने चार-पांच दिन पहले रची थी। आरोपी मनकीत फरार चल रहे शूटर संदीप का साथी है। मनकीत ने वारदात को अंजाम देने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी दी थी। टीम ने आरोपी आशीष और मनकीत को अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया।