कुरुक्षेत्र। डेढ़ माह पहले पानीपत की रहने वाली एक महिला ने पिहोवा के अध्यापक पर झांसे में लेकर कई माह तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए पानीपत के किला थाने में जीरो एफआरआई दर्ज करवाई थी। इस पर बाद में पिहोवा शहर में मामला दर्ज कर जांच की गई। पुलिस ने जांच के बाद मामले में कोई ठोस सबूतों के न मिलने से मामला बंद कर दिया।
वीरवार को महिला ने दोबारा जांच की गुहार लगाते हुए मामला दोबारा खोलने व नए सिरे से जांच करने की मांग की है। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी अध्यापक ने मामले में उस समय के मौजूदा पुलिसकर्मियों के साथ सांठ-गांठ करके मामला बंद करवा दिया। महिला ने उस समय आरोप लगाते हुए बताया था कि वह आरोपी अध्यापक की पत्नी के होटल में शेफ का कार्य करती थी। इसी दौरान अध्यापक ने पत्नी को तलाक देने की बात कहकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और कई माह तक उनका शोषण करता रहा। महिला आज कुछ सोशल मीडिया के सबूतों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और एसपी नीतीश अग्रवाल को सारे सबूतों को सौंपते हुए उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग रखी।
पीड़िता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आरोपी उनसे एक बेटे की मांग करता था और गर्भवती होने पर जांच की भी बात करता था और कहता कि मुझे बेटा देने के बाद तुम्हें हर माह तुम्हारा गुजारा भत्ता दूंगा। वहीं इस मामले में शहर थाना प्रभारी ने बताया कि यह मामला उनके आने से पहले ही बंद कर दिया गया था। मामले की क्लोजर रिपोर्ट के अनुसार दोनों लिव इन में रहते थे और दुष्कर्म के कोई ठोस सबूत न ही मिले व न ही महिला पेश कर पाई।