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मटर की फसल बुवाई का अनुकूल समय : कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह

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कुरुक्षेत्र। किसान अब मटर की फसल की बुवाई कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। मटर की बुवाई के लिए अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह उपयुक्त माना गया है। इस दौरान किसान मटर की फसल की बुवाई कर कम समय में आर्थिक लाभ पा सकते हैं। किसान मटर की उन्नत फसलों में आर्केल, काशी नंदिनी, पूसा श्री, पंत मटर 155, अर्ली बैजर की बुवाई कर सकते हैं जो कि 60 से 60 दिनों में तैयार हो जाती है। मटर की फसल को तैयार होने में जहां कम समय लगता है तो वहीं खेती की मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है।
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मटर की उन्नत किस्मों में खास बात है कि यह जल्दी पककर तैयार हो जाती है, जिससे किसान अगली फसल की बुवाई भी जल्द कर सकते हैं। धान की कटाई के बाद अब किसान मटर की बुवाई में जुटने लगे है। इसके लिए अब खेतों में किसान तैयारियां कर रहे है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक मटर की खेती के लिए 18 से 22 डिग्री सेल्सियस तापमान सही होता है। इसलिए मटर की बुआई अक्तूबर से नवंबर के पहले सप्ताह तक की जा सकती हैं। मटर की बुआई से पहले खेत की अच्छी तरह से तीन से चार बार जुताई करनी चाहिए, ताकि खेत को बेहतर बनाया जा सके। इससे मटर की बंपर पैदावार प्राप्त की जा सकती है।



कम समय में जल्द तैयार होती है मटर की फसल
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि मटर की खेती के लिए 18 से 22 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए, इसके लिए अक्तूबर से नवंबर के शुरूआत का समय सही रहता है। मटर की फसल जल्दी तैयार होने वाली फसल है। इसकी कई उन्नत किस्में आजकल बाजार में उपलब्ध है। इन किस्मों के लिए, एक बीघा में 10 से 12 किलोग्राम बीज की बुवाई की जा सकती है।
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