कुरुक्षेत्र। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग में आयोजित नाटक में प्रस्तुति देते कलाकार।
कुरुक्षेत्र। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से हरियाणवी नाट्य उत्सव के पांचवें दिन जींद से इंद्रजीत के निर्देशन में नाटक ‘जन्मदिन का तोहफा’ और चंडीगढ़ से जगजीत कौर के निर्देशन में नाटक ‘म्हारे अरमान आयुष्मान’ प्रस्तुत किए गए। हरियाणा बाल विकास परिषद के अध्यक्ष अधिवक्ता कृष्ण पांचाल मुख्य अतिथि तथा भगवान परशुराम कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. योगेश्वर जोशी विशिष्ट अतिथि रहे।
नाटक जन्मदिन का तोहफा में कलाकारों ने रक्तदान महादान का संदेश देते हुए दर्शकों को आनंदित किया। नाटक में दिखाया गया कि एक बच्चे का जन्मदिन होता है तो वह अपने माता-पिता से जन्मदिन का तोहफा मांगता है। उसके पिता उसे जन्मदिन के तोहफे के रूप में नसीहत देते हैं, जिससे बेटा नाराज हो जाता है। तब उसके पिता उसे समझाते हैं कि तोहफे के रूप में दी जाने वाली कोई भी वस्तु कुछ समय बाद खराब हो जाएगी, लेकिन नसीहत जीवन में हमेशा काम आएगी।
तब बेटा पूछता है तो उसके पिता उसे समझाते हैं कि 18 वर्ष का होने पर उसका बाइक चलाने के लिए लाइसेंस बन सकता है। वहीं 18 वर्ष का होने पर रक्तदान भी कर सकता है। इस बात पर बेटा पिता से रक्तदान करने के फायदे पूछता है, तो उसके पिता समझाते हैं कि रक्तदान ही महादान है। हमारे द्वारा दान किया जाने वाला रक्त किसी भी व्यक्ति की अगर जान बचाता है तो उससे बढ़कर खुशी और कोई नहीं हो सकती।
नाटक ‘म्हारे अरमान आयुष्मान’ में दिखी बुजुर्गों की मनोदशा
वहीं दूसरा नाटक दो बुजुर्ग लोगों के आपसे प्रेम को दर्शाता है। जगजीत कौर के निर्देशन में मंचित नाटक ‘म्हारे अरमान आयुष्मान’ में दिखाया गया कि एक बुजुर्ग महिला जो अपने परिवार के लोगों से परेशान है। वह अपना मन बहलाने के लिए पड़ोस में रहने वाले एक बुजुर्ग से बातचीत करना शुरू कर देती है। धीरे-धीरे दोनों बुजुर्ग एक दूसरे की ओर आकर्षित हो जाते हैं। अक्सर मिलने के बहाने ढूंढना शुरू कर देते हैं। इस बात का पता दोनों बुजुर्गों के परिवार को लग जाता है और दोनों के परिवार वाले बुजुर्गों को अलग करने के मंसूबे बनाना शुरू कर देते हैं, लेकिन एक दिन दोनों बुजुर्ग अपने परिवार को छोड़कर दूर चले जाते हैं। इस प्रकार नाटक के माध्यम से दिखाया कि बुजुर्ग लोगों के भी कुछ अरमान रहते हैं, जो परिवार के पालन-पोषण में दब जाते हैं।
कुरुक्षेत्र। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग में आयोजित नाटक में प्रस्तुति देते कलाकार।