कुरुक्षेत्र। करवाचौथ की कथा सुनतीं महिलाएं।
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पति की लंबी आयु की कामना को लेकर जिले भर में महिलाओं ने करवा चौथ का त्योहार श्रद्धा और उल्लास से मनाया। इन दिन सुहागिनों ने दिन भर व्रत रखा और दोपहर बाद कथा सुनकर जल का आचमन किया। व्रत पर रहीं महिलाओं ने देर रात चांद देखकर ही अपनी पूजा अर्चना संपन्न की। इसके लिए जिले भर में कई जगह मंदिरों, आश्रमों और सेक्टरों के पार्कों में एकत्रित हुई महिलाओं ने कथा सुनकर पूजा संपन्न की। इस दौरान कोरोना की गाइडलाइन का भी खास ख्याल रखा गया। कथाओं में महिलाएं जहां मास्क पहले बैठीं, वहीं एक दूसरे से सोशल डिस्टेंस भी बरकरार रखा।
रात को छन्नी से चांद को देख पति का दिदार कर व्रत खोला। करवाचौथ का व्रत अन्य किसी भी व्रत के मुकाबले कठिन होता है और पति-पत्नी के पवित्र बंधन और प्यार को मजबूत करने के लिए महिलाएं इस व्रत को रखती हैं। भारतीय संस्कृति में इस व्रत का विशेष महत्व है और महिलाएं इसे पूरी श्रद्धा के साथ निभाती हैं। दुल्हन की तरह शृंगार करके सुहागिनें एक दिन की कठिन तपस्या करती हैं। विवाहित महिलाएं पति की सुख-संपन्नता की कामना करते हुए गणेश और शिव-पार्वती की पूजा अर्चना करती हैं। राजेंद्र नगर स्थित नंगली वाली कुटिया परिसर में शाम के समय करवा चौथ की पूजा में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। सेक्टर पांच के पार्क में एकत्रित हुई महिलाओं ने करवा चौथ की कहानी सुनी। अधिकतर स्थानों पर महिलाओं ने अपने घरों में ही यह रस्म निभाई।