कुरुक्षेत्र। पिछले दिनों बाढ़ के दौरान हुए नुकसान के बाद अभी तक मुआवजा न मिलने से किसानों में रोष है। इससे नाराज पंजाब और हरियाणा के किसान 22 अगस्त को चंडीगढ़ में जुटेंगे और वहां सरकार से आर-पार का आंदोलन चलाने की घोषणा करेंगे। यह एलान भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह गुट ने किया।
यूनियन की सोमवार को जाट धर्मशाला में अहम बैठक हुई, जिसमें बाढ़ से हुए किसानों के नुकसान व अब तक सरकार के रवैये पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 22 अगस्त को चंडीगढ़ में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें हरियाणा व पंजाब से किसान ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर पहुंचेगे। किसान एयरपोर्ट रोड पर एकत्रित होंगे और आंदोलन का एलान करेंगे। सरकार ने 22 अगस्त से पहले किसान संगठनों के साथ बातचीत की तो आंदोलन टाला जा सकता है, लेकिन सरकार नहीं मानी तो सरकार का घेराव किया जाएगा। किसान नेताओं ने बताया कि पिछले दिनों चंडीगढ़ में उत्तर भारत के 20 किसान संगठनों की बैठक हुई थी, उसमें भी विभिन्न राज्यों में बाढ़ व बारिश के कारण हुए नुकसान पर चर्चा हुई थी। किसानों की मांग है कि सरकार को बाढ़ के कारणों को खोजते हुए नुकसान का भी आकलन करना चाहिए।
किसान नेताओं ने खराब फसल पर 50 हजार रुपये और अन्य नुकसान का मुआवजा देने की मांग की। साथ ही कहा कि सरकार व प्रशासन अब तक आश्वासन ही दे रहा है। अमरजीत मोहड़ी, संजीव आलमपुर सहित किसान नेताओं ने कहा कि सरकार आज तक बाढ़ व बारिश के टूटे बांध तक बना पाई है, जिससे गंभीरता का पता लग रहा है। किसान दो बार फसल लगा चुके हैं।