कुरुक्षेत्र। पीजीआई रोहतक के आंदोलनरत अनुबंधित कर्मचारियों को किसान यूनियन ने जाट धर्मशाला में आयोजित बैठक में समर्थन दिया। साथ ही कर्मचारियों ने भी धर्मशाला पहुंचकर किसानों का समर्थन देने के लिए धन्यवाद किया।
कर्मचारियों ने यूनियन नेताओं को बताया कि सरकार और पीजीआई प्रशासन लंबे समय से अनुबंधित कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे दो जून से ये मांग कर रहे हैं कि उन्हें सरकार की कौशल रोजगार कर्मचारी नीति के तहत शामिल किया जाए, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय पुलिस की मदद से उन्हें जबरन बसों में भरकर रोहतक भेज दिया गया। इसके बाद से कर्मचारी कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे थीम पार्क में धरने पर बैठे हैं।
इस अवसर पर यूनियन नेताओं ने सरकार की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी-विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और पुलिसिया दमन का सहारा लेना निंदनीय है।
उन्होंने महिला कर्मचारियों को भी खुले में धरना देने को मजबूर किए जाने पर सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए। किसान यूनियन ने सरकार से तुरंत कर्मचारियों की मांगें स्वीकार करने की अपील करते हुए संघर्षरत कर्मचारियों के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की। संवाद