कुरुक्षेत्र। जिले में रविवार को अल सुबह से ही बादल छाए रहे, जिससे लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की तथा बाजारों व पर्यटन स्थलों पर चहल-पहल देखी गई। सुबह करीब 10 बजे कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जिसके चलते तापमान में कमी दर्ज की गई। हालांकि दिनभर उमस ने लोगों को परेशान किया। मौसम में आए इस बदलाव के बाद किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी, क्योंकि बारिश का मौसम धान की खेती के लिए अनुकूल माना जाता है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. ममता ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर में नौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा ने कुछ समय के लिए उमस से राहत प्रदान की। अगले चार-पांच दिनों में मौसम में और बदलाव की संभावना है, जिसमें कई स्थानों पर तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। सोमवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही बादल और बारिश की संभावना है।
मौसम के इस अनुकूल बदलाव के चलते किसानों ने धान की रोपाई के लिए खेतों की तैयारी तेज कर दी है, क्योंकि बारिश की पर्याप्त नमी पौधों की अच्छी वृद्धि सुनिश्चित करती है व इस मौसम में पानी की कम आवश्यकता पड़ती है। कई जगह धान रोपा भी जा चुका है ताकि बारिश होने पर धान को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सकें। वहीं तेज धूप और लू से राहत मिलने से स्थानीय लोग और पर्यटक सुहाने मौसम का आनंद उठाते नजर आए। ब्रह्मसरोवर में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
मौसम के इस अनुकूल बदलाव के चलते किसानों ने धान की रोपाई के लिए खेतों की तैयारी तेज कर दी है, क्योंकि बारिश की पर्याप्त नमी पौधों की अच्छी वृद्धि सुनिश्चित करती है व इस मौसम में पानी की कम आवश्यकता पड़ती है। कई जगह धान रोपा भी जा चुका है, ताकि बारिश होने पर धान को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सकें। वहीं तेज धूप और लू से राहत मिलने से स्थानीय लोग और पर्यटक सुहाने मौसम का आनंद उठाते नजर आए।