संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। परमल धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू की जाए और नमी की मात्रा भी 17 से 20 फीसदी मान्य की जाए। दूध व गन्ने के रेट भी बढ़ाए जाएं। इनके साथ ही नौ प्रमुख मांगें वीरवार को अनाजमंडी में हुई संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में उठाईं गई। महापंचायत में 10 से ज्यादा किसान संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ता व अन्य किसानों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया कि अगर उन्होेंने 15 सितंबर तक तय समय तक मांगें नहीं मानी तो वे कड़ा फैसला लेंगे। एचएसजीएमसी ने भी किसानों की मांगों को जायज ठहराया।
महांपचायत के दौरान किसानों ने अनाजमंडी से एसडीएम कार्यालय तक रोष मार्च निकाले जाने की भी तैयारी की। इससे पहले ही एसडीएम राहुल कुमार महापंचायत में पहुंच गए। कुछ समय बाद जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने वहीं पर ज्ञापन लिया उन्होंने प्रदेश सरकार से दो से तीन दिन में ही इन सभी मुद्दों पर बातचीत कराने का किसानों को भरोसा दिया। महापंचायत में उपायुक्त ने किसानों को भरोसा दिया कि दूध के रेट बढ़ाने को लेकर सोमवार को वीटा एमडी से किसानों की बातचीत कराई जाएगी। यहीं नहीं अन्य संबंधित विभागों को भी मांगें भेजी जाएंगी।
सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई महापंचायत करीब तीन घंटे तक चली और किसानों व पशुपालकों की अनेक समस्याओं व मांगों पर चर्चा की। किसानों ने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल बंद कर दिया गया है। उसे दोबारा खोला जाए क्योंकि बड़ी संख्या में किसान पंजीकरण नहीं करा पाए। अगर उनका पंजीकरण नहीं होगा तो फसल नहीं बेच पाएंगे। किसानों ने मांग उठाई कि धान खरीद के दौरान नमी 20 फीसदी तक मान्य की जाए और एमएसपी पर खरीद के दौरान किसी प्रकार की कटौती भी न हो। वहीं नरमा-कपास की सरकारी खरीद समय पर शुरू की जाए।
उधर भारतीय किसान यूनियन पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने महापंचायत के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रशासन के समक्ष सभी मुख्य मांगें रखी गई है और 15 सितंबर तक का भरोसा मिला है। मांगें पूरी नहीं हुई तो किसान बड़ा फैसला लेने को मजबूर होंगे। महापंचायत में प्रिंस वड़ैच, कुलदीप मुल्तानी, मनदीप सिंह फतेहाबाद, अमरजीत सिंह मोहड़ी, करनाल जिला अध्यक्ष जगदीप औलख, एडवोकेट अशोक बुलारा पानीपत, जिला अध्यक्ष संजू नंबरदार सहित कईं अन्य किसान नेताओं ने महापंचायत में मुख्य तौर पर संबोधन किया जबकि भाकियू पिहोवा, भाकियू पगड़ी संभाल जट्टा, भाकियू शहीद भगत सिंह, भारतीय किसान पंचायत, किसान मजदूर संगठन, किसान भवन पानीपत, भारतीय किसान एकता, सर छोटू राम, राष्ट्रीय मजदूर-किसान मंच, भाकियू चरखी-दादरी के प्रतिनिधियों ने मुख्य तौर पर भागीदारी की।
गन्ने का रेट 650 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए
किसानों ने कहा कि पिछले कुछ समय से खेती व पशुपालन पर लागत बहुत बढ़ चुकी है। ऐसे में गन्ने का रेट 650 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए तो वहीं दूध के दाम भी बढ़ाए जाएं किसानों ने नकली व मिलावटी दूध पर अंकुश लगाने की भी मांग उठाई। किसानों ने कहा कि सड़कों व नहरों के आसपास लगाए गए पेड़ों में किसानों की 50 फीसदी हिस्सेदारी की जाए और पांच किलोमीटर के दायरे में फसल खरीद केंद्र बनाए जाएं।