कुरुक्षेत्र। हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा से जुड़े किसान संगठन 1 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। जाट भवन में शनिवार को हुई मीटिंग में किसानों की मांगों व समस्याओं पर चर्चा करने के बाद यह निर्णय लिया गया। इस दिन किसान सुबह 10 बजे से ताऊ देवीलाल पार्क में एकत्रित होना शुरू हो जाएंगे। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए सीएम आवास पर पहुंचेंगे।
भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मेहला ने बताया कि मीटिंग की अध्यक्षता प्रिंस वड़ैच ने की। बैठक में मौजूद किसान नेताओं ने कहा कि बीती 8 अगस्त को पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर प्रदर्शन कर अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए थे। खेद की बात है कि सरकार ने किसानों की अनदेखी की और मांग पत्र पर विचार नहीं किया। किसानों को वार्ता के लिए भी नहीं बुलाया गया। उन्होंने कहा कि खाद वितरण में पोर्टल की कंडीशन खत्म की जाए और 15 सितंबर से धान की खरीद शुरू की जाए। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार हर रोज किसानों पर नए-नए कानून थोप रही है जैसे खाद पर पोर्टल की कंडीशन लागू करना, धान की खरीद समय पर शुरू न होना। फिजी वायरस से हुए नुकसान पर अब तक सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि फिजी वायरस से हुए धान की खराब फसल का उचित मुआवजा स्पेशल गिरदावरी करवाकर दिया जाए। फसलों की समय पर खरीद और एमएसपी की गारंटी दी जाए। नकली बीज-कीटनाशक पर रोक और वितरण में पारदर्शिता लाई जाएं। नहरों, ड्रेनों की सफाई और सिंचाई सुविधाओं में सुधार किया जाए। ट्यूबवेल कनेक्शन में अनावश्यक प्रक्रियाएं समाप्त की जाएं। बिजली बिल और स्मार्ट मीटर योजना को वापस लिया जाए। फसल बीमा योजना में पारदर्शिता लाते हुए एक-एकड़ आधारित सर्वे किया जाए।
इस अवसर पर अमरजीत सिंह मोहड़ी, संदीप सिवाच, जगदीप सिंह औलख, लखविंद्र सिंह औलख, उमेद सिंह सरपंच, प्रिंस वड़ैच, दलबीर सिंह, सूरजभान, जगबीर, बलविंद्र सिंह, संजू नंबरदार, विपिन मेहला, अमृत बुग्गा, छत्रपाल सिंधड़ व भूरा आदि ने किसानों को संबोधित किया।
बैठक में भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह, पगड़ी संभाल जट्टा संघर्ष समिति, भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम, भारतीय किसान एकता, हरियाणा किसान मजदूर संगठन, भारतीय किसान यूनियन पेहवा, किसान पंचायत सोनीपत, किसान भवन पानीपत, भारतीय किसान यूनियन चरखी दादरी व भारतीय किसान यूनियन अमावता के सदस्य किसान मौजूद रहे।