अनाज मंडियों में धान की आवक चरम पर पहुंचने लगी है, जिसके चलते अनाज मंडी में किसानों को अब जाम का सामना करना पड़ने लगा है। धान की आवक में तेजी पिछले तीन दिनों से होने लगी है जो लगातार बढ़ रही है। माना जा रहा है कि आवक ऐसे ही बढ़ती रही तो 10 अक्तूबर तक अधिकतर पीआर धान मंडियों में पहुंच जाएगी। धान की आवक तेज होने के पीछे मौसम में हर रोज हो रहा बदलाव माना जा रहा है। किसानों में मौसम की ओर से ली जा रही करवट ने बेचैनी बढ़ा दी है, जिसके चलते किसानों में धान कटाई को लेकर होड़ सी शुरू हो गई है। अब हर रोज लगभग 10 हजार अधिक आवक होने लगी है।
थानेसर नई अनाज मंडी में धान की आवक जोरों से होने के चलते ही मंगलवार को गेट नं 2 पर लगभग एक घंटा जाम लगा रहा, जिसमें भारी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों सहित फंसे रहे तो वहीं इससे धान के उठान पर भी आंशिक असर हुआ। मंगलवार को मंडी में 1 लाख 30 हजार क्विंटल धान की आवक हुई जबकि डीएफएससी ने 71 हजार क्विंटल धान की खरीद की तो वहीं हैफेड ने महज 10341 व हरियाणा एग्रो ने 48390 क्विंटल धान खरीदा।
सरकारी खरीद शुरू होने के बावजूद भी धान का भुगतान नहीं हो पा रहा है। हालांकि डीएफएससी ने मंगलवार को धान के भुगतान की पहली किस्त जारी की है तो वहीं बताया जा रहा है कि अन्य एजेंसियों की ओर से अभी तक भुगतान नहीं किया गया है।
नमी के बहाने लगाया जा रहा किसानों को चूना
धान में नमी अधिक होने का बहाना कर व्यापारी व एजेंसियां किसानों को चूना लगा रही है। मंडी के जानकारों की मानें तो सरकार द्वारा तय किए गए रेट पर महज दो फीसदी धान भी अभी तक नहीं खरीद जा सका है। अधिकतर धान औने-पौने व मनमाने दामों पर ही खरीदा जा रहा है। जिससे किसानों में रोष बना हुआ है। औने-पौने दामों में धान बेचने के पीछे किसानों की मजबूरी भी बताई जा रही है, जिसका खरीद एजेंसी व व्यापारी जमकर फायदा उठा रहे है। हालांकि खरीद एजेंसियों का मानना है कि कंबाइन से कटे धान में नमी 20 फीसदी से अधिक पाई जा रही है लेकिन किसानों में गहरा रोष बन रहा है। उनका कहना है कि सूखी धान को भी इसी आड़ मेें नमी बताकर औने-पौने दाम में खरीदा जा रहा है।
किसानों के साथ आढ़तियों में भी रोष : दौलत राम
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि किसानों में धान का पूरा भाव न मिलने के कारण रोष बन रहा है तो वहीं पूरा भाव न मिलने से किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को भी नुकसान हो रहा है। सरकार के दावे के बावजूद भी समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा।
धान में आ रही है नमी : सचिव
मार्केट कमेटी के सचिव जिले सिंह का कहना है कि मंडी में 90 फीसदी से अधिक धान कंबाइन से कटा हुआ आ रहा है। जिसमें निर्धारित 17 फीसदी से अधिक नमी पाई जा रही है। जिसके चलते ही भाव में कुछ अंतर हो रहा है, लेकिन सूखे धान को पूरा रेट दिया जा रहा है।