संवाद न्यूज एजेंसी
इस्माईलाबाद। बाढ़ से प्रभावित फसलों की मुआवजा राशि अभी तक न मिलने से किसानों में रोष व्याप्त है। मुख्यमंत्री ने दीपावली से पहले मुआवजे की राशि सीधे किसानों के खाते में डालने की बात कही थी। लेकिन ये सभी बाते केवल कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रही हैं, जिससे किसानों में मायूसी छाई हुई है।
गांव जंधेड़ी के किसान सुखदेव सिंह, विष्णु, दीपाराम, बलवान सिंह, नवरंग सिंह, जयपाल, सोहन सिंह, रामकुमार शर्मा आदि ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद किसानों को खराब फसल के मुआवजे की राशि मिलने से धान की फसल में हुए नुकसान की कुछ भरपाई होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अगली फसल की बुआई होने के बाद भी मुआवजा न मिलने से किसान परेशान है।
किसानों ने कहा कि सरकार के मंत्री बयान बाजी कर किसानों को मुआवजे मिलने की बात कर रहे हैं लेकिन अभी तक उनके गांवों के एक भी किसान को मुआवजे की राशि प्राप्त नहीं हुई है जबकि गांव नैसी से मारकंडी नदी के तटबंध टूट कर बाढ़ का पानी नैसी, मडाडो, शेरगढ़, जंधेडी, बालापुर से होते हुए गुजरा था और धान की फसल को बर्बाद कर दिया था। उन्होंने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण भी करवा दिया था। लेकिन उसके बावजूद भी न तो नैसी गांव और न ही उनके गांव के किसी भी किसान को मुआवजा राशि मिली है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द किसानों को मुआवजे की राशि जारी की जाए।
इस्माईलाबाद। बाढ़ से प्रभावित फसलों का मुआवजा न मिलने से गांव जंधेडी में रोष प्रकट करते किसान।