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Kurukshetra News: मंडी में भाकियू नेताओं से भिड़े किसान और आढ़ती

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संवाद न्यूज एजेंसी कुरुक्षेत्र/ शाहाबाद। अनाज मंडी में शुक्रवार को उस समय भारी तनाव उत्पन्न हो गया जब भारतीय किसान यूनियन (टिकैत ग्रुप) के कुछ सदस्य अचानक मंडी में पहुंच गए और एक आढ़ती की दुकान पर जाकर गेहूं की फसल की तौल जांचने लगे।
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मामला उस समय गर्माया जब कथित यूनियन सदस्य मदनलाल, जसबीर जैनपुर, रामधारी, रामकुमार और राजपाल ने गांव लंगर चन्नी के किसान बलविंदर सिंह की फसल की तौल को जांचा, जो पहले ही मार्केट कमेटी के दो अधिकारियों की निगरानी में बिल्कुल ठीक पाई गई थी।
इसके बावजूद यूनियन सदस्यों ने न केवल आपत्ति जताई, बल्कि आढ़ती कमलजीत से दुर्व्यवहार किया। इस घटना से गुस्साए मंडी प्रधान स्वर्णजीत सिंह बिट्टू कालड़ा और धनपत राय अग्रवाल की अगुवाई में बड़ी संख्या में आढ़ती और किसान मार्केट कमेटी के दफ्तर पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
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वहां कथित यूनियन सदस्यों और आढ़तियों के बीच तीखी बहस हुई। आढ़तियों ने मंडी सचिव कृष्ण कुमार मलिक पर बाहरी तत्वों के साथ मिलकर मंडी के माहौल को बिगाड़ने का आरोप लगाया। किसान बलविंदर सिंह समेत कई अन्य किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि तौल में कोई गड़बड़ी नहीं हुई और जब फसल की तौल उनकी मौजूदगी में हो रही है तो किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा सवाल उठाना अनावश्यक है।
आढ़तियों ने कथित किसान यूनियन के इस कदम को अवैध वसूली की कोशिश करार दिया और इस घटना पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। विवाद बढ़ता देख मार्केट कमेटी कार्यालय अधिकारियों ने हुड्डा पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद चौकी इंचार्ज सहित पुलिस मौके पर पहुंची।
बैठक में फिर भड़के आढ़ती और किसान : पुलिस के आने के बाद सचिव ने किसान यूनियन के सदस्यों, आढ़तियों और किसानों को अपने कार्यालय में बैठक के लिए बुलाया। बैठक में मंडी के दोनों प्रधानों सहित मानसिंह रतनगढ़, यशपाल सिंगला, मनीष शर्मा, रोमी अग्रवाल और अन्य आढ़तियों ने कहा कि मंडी में गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शाहबाद मंडी में अब तक तौल को लेकर कभी कोई शिकायत नहीं हुई है और यहां के 60 प्रतिशत आढ़ती स्वयं किसान हैं। मंडी में एसडीएम समेत कई अधिकारी निरीक्षण कर चुके हैं और सब कुछ पारदर्शी पाया गया है। आढ़तियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में अगर किसी बाहरी व्यक्ति ने बिना उचित प्रक्रिया के मंडी कार्यों में हस्तक्षेप किया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मंडी सचिव, किसान, आढ़ती और यूनियन सदस्यों के के बीच काफी गहमा-गहमी रही।
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