कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला में हुई बैठक में चर्चा करते भाकियू चढूनी ग्रुप के पदाधिकारी व सदस्य।
कुरुक्षेत्र। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ग्रुप धान घोटाले की सीबीआई जांच व अन्य मांगों के लिए फिर से सड़कों पर उतरेगी। जनवरी माह के पहले सप्ताह से हर जिले में पांच दिन के अंतराल पर प्रदेश के कृषि मंत्री व खाद्य आपूर्ति मंत्री के पुतले फूंके जाएंगे।
इसके बाद भी सरकार गंभीर नहीं हुई और मांगें पूरी नहीं की गई तो मार्च माह में कुरुक्षेत्र में विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। ये ऐलान मंगलवार को यूनियन की जाट धर्मशाला में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में लिया गया।
यूनियन अध्यक्ष गुरनाम चढूनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किसानों व कृषि क्षेत्र के हालात के साथ स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों को चढूनी के अलावा प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना, प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस, कुरुक्षेत्र जिला प्रधान कृष्ण कलाल माजरा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। गुरनाम चढूनी ने बताया कि पांच हजार करोड़ से भी अधिक का धान घोटाला हुआ है और अभी तक सरकार ने छोटे कर्मचारियों पर ही कार्रवाई की है जबकि बड़े स्तर के अधिकारी व अन्य लोग अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस घोटाले की सीबीआई जांच होगी तो पूरा खुलासा हो सकेगा। चढूनी ने कहा कि सरकार बीज बिल में नकली बीज मिलने पर सजा का प्रावधान बढ़ाएं और नुकसान होने पर किसान को सीधा मुआवजा दिए जाने व पूंजीवाद को हावी न होने देने के संबंध में भी उचित कदम उठाए।
उन्होंने बताया कि पीजीआई कर्मचारियों की मांगों से लेकर अन्य स्थानीय मुद्दे के लिए यूनियन ने सड़कों पर उरतने की रणनीति बनाई है।
इसे सफल बनाने के लिए ब्लॉक व गांव स्तर पर कमेटियां बनाई जा रही है। जनवरी माह के पहले सप्ताह से कुरुक्षेत्र से ही यह आंदोलन शुरू किया जाएगा और हर पांच दिन बाद दूसरे जिले में प्रदर्शन किया जाएगा।
जनवरी व फरवरी माह में यह रोष जताने के बाद भी सरकार ने मांगों के संबंध में गंभीरता नहीं दिखाई तो मार्च माह में के पहले पखवाड़े में पिपली में रैली कर और भी बड़ा फैसला लिया जाएगा। उधर कुरुक्षेत्र जिलाध्यक्ष कृष्ण कलाल माजरा ने कहा कि यूनियन की ओर से पांच जनवरी को कुरुक्षेत्र में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। संवाद
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला में हुई बैठक में चर्चा करते भाकियू चढूनी ग्रुप के पदाधिकारी व सदस्य।