कुरुक्षेत्र। धान की खरीद न होने से विवश होकर अन्नदाता अब आत्महत्या जैसे विचार अपने मन में ला रहा है। कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी थानेसर में पिछले 15 दिन से गांव बुलाही से 70 वर्षीय बुजुर्ग किसान तेजपाल अपना 55 क्विंटल धान बेचने के लिए भूखा प्यासा बैठा है। खाना न खाने से वह बीमार हो चुका है और उसमें चलने की भी हिम्मत नहीं बची। कोई हालचाल पूछता है तो आंखें भर आती हैं। आवाज बिल्कुल बैठ चुकी है और कंपकंपाता कमजोर शरीर अब हिम्मत हारने लगा है। लड़खड़ाती जुबान से कह रहा है कि बार-बार मरने से अच्छा तो सल्फास खाकर एक बार में ही मर जाऊं।
तेजपाल ने बताया कि वह पिछले 15 दिन पहले मंडी में 55 क्विंटल धान लेकर आया था, लेकिन आज तक उसका गेटपास तक नहीं कट पाया, जिस वजह से उसकी फसल का एक भी दाना नहीं बिका है। वहीं, कुछ एक खरीदार आए तो उसकी धान में नमी बताकर कद दामों में खरीदना चाहते हैं, जबकि धान को पूरे 15 दिन धूप में सूखते हो गए हैं, ऐसे में यदि फिर भी उसके अंदर नमी ज्यादा निकलती है तो सरकार अपनी पॉलिसी को बदले। वह तब तक अन्न और जल का त्याग करेगा जब तक गेट पास उसके हाथ में नहीं होगा और उसकी फसल का एक एक दाना बिक नहीं जाएगा।
रोजाना पोता देकर जाता है खाना, रख लेते हैं चारपाई के नीचे
मंडी में तेजपाल की ढेरी के साथ अपनी फसल लेकर बैठे गांव मैसीमाजरा के किसान राजकुमार ने बताया कि तेजपाल पहले तो बहुत कम खाना खा रहा था, लेकिन पिछले चार दिनों से उसने खाना-पीना बिल्कुल त्याग दिया। रोजाना सुबह शाम उसका पोता घर से खाना लेकर आता है, लेकिन तेजपाल उसे खाने की बजाए चारपाई के नीचे रख देता है और फिर गोवंश को डाल देता है। उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो रविवार को उसका हालचाल जानने पर बताया कि वह बुरी तरह से टूट चुका है अब उसमें हिम्मत नहीं रही। उसने अपनी जेब में सल्फास रखी हुई हैं अगर आज शाम तक उसकी फसल न बिकी तो वह उसे खा लेगा। जब सल्फास बारे अन्य लोगों को पता चला तो तेजपाल उसे कहीं छिपा आया।
कमेटी सचिव ने गेटपास काट पिलाया पानी
बुजुर्ग किसान की हालत बिगड़ते ही सूचना मार्केट कमेटी सचिव को दी गई। तब बुजुर्ग को कमेटी कार्यालय में लाया गया, जहां मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह ने उन्हें पानी पिलाने की कोशिश की, लेकिन किसान ने साफ मना कर दिया और कहा कि जब तक उसकी फसल नहीं बिकेगी तब तक वह जल और अन्न ग्रहण नहीं करेगा। बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ती देख अधिकारियों की भी सांसें फूलने लगीं तो सुपरवाइजर को बुलाकर उसका गेट पास काटने को कहा, जिसके बाद काफी प्रयास करने पर खुद मार्केट कमेटी सचिव ने अपने हाथों से तेजपाल को पानी पिलाया और शाम तक उसकी फसल बिकने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसे चाय भी पिलाई गई।