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अब चाचाजी का फोन नहीं आएगा,यशपाल शर्मा को याद कर भतीजी की आंखों में छलक आए आंसू

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रणवीर सिंह की बहुप्रतीक्षित फिल्म 1983 का इंतजार पूर्व क्रिकेटर यशपाल शर्मा और उनके परिवार वालों को भी था, मगर फिल्म की रिलीज से पहले आज यशपाल का हृदयगति रुकने से हुए निधन ने परिवार को बड़ा सदमा दे दिया। बता दें कि हिमाचल और पंजाब की तरह कुरुक्षेत्र से भी यशपाल शर्मा का नाता है। उनकी सगी भतीजी, दामाद, नाती और नातिन कुरुक्षेत्र की सपड़ा कालोनी में रहते हैं। इस वजह से यशपाल शर्मा का कुरुक्षेत्र कई बार आना जाना रहा है।
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उनके निधन का समाचार मिलते ही परिवार सदमे में है। यहां से परिवार दिल्ली रवाना हो गया। इससे पहले अमर उजाला ने जब उनकी भतीजी शिवानी शर्मा से बात की तो उनकी आंखों में आंसू थे। उन्होंने बताया कि चाचा जब भी जीटी रोड से गुजरते तो उन्हें फोन कर लेते थे, कई बार उन्हें जीटी रोड पर ही पैराकीट में बुलाते, क्योंकि वे बेटी के घर आने में थोड़ा परहेज करते थे। यहां बता दें कि यशपाल शर्मा मूल रूप से हिमाचल के ऊना क्षेत्र के गांव जखेड़ा के रहने वाले थे, उनके पिता पंडित बाबूराम शर्मा लुधियाना में आकर बस गए। यहां उन्होंने अपने पिता और बड़े भाई बालकिशन शर्मा की देखरेख में पढ़ाई की और क्रिकेट के प्रति अपना जुनून उन्हें अंतरराष्ट्रीय खेल की दुनिया में खींच कर ले गया। उनके खेल का जलवा भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में भी दिखा। वर्ल्ड कप के पहले मैच में यशपाल शर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 89 रनों की पारी खेली थी और उस मैच में वे मैन ऑफ द मैच चुने गए थे। वहीं वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में यशपाल शर्मा टॉप स्कोरर रहे थे। बल्लेबाज, विकेट कीपर और अंपायर से लेकर क्रिकेट टीम के सिलेक्टर रहे यशपाल शर्मा की भतीजी के मुताबिक चाचा के निधन से पूरा परिवार सदमे में हैं, क्योंकि पिछले तीन माह पहले यशपाल शर्मा की बहन घुंघरू शर्मा का कोविड की वजह से देहरादून में निधन हो गया था।
उल्लेखनीय है कि क्रिकेट विश्व कप पर आधारित बॉलीवुड की फिल्म 1983 बनकर तैयार है, जिसकी रिलीज की तारीख 10 अप्रैल 2020 तय हुई थी, मगर कोविड की वजह से यह फिल्म रिलीज के इंतजार में है। इस फिल्म में अभिनेता जतिन सरना ने यशपाल शर्मा का किरदार निभाया है। यशपाल शर्मा सहित उनके परिवार के सदस्य इस फिल्म के इंतजार में थे, लेकिन आज यशपाल शर्मा का निधन परिवार के उस सपने को तोड़ गया, जब वे उनके साथ बैठकर यह फिल्म देखते।
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कोविड से बिगड़े हालात के कारण यशपाल शर्मा पिछले काफी समय से परिवार के साथ इंग्लैंड में थे। यहां हालात थोड़े सामान्य होने के कारण वह कुछ दिन पहले ही इंग्लैंड से दिल्ली आए थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था, मगर आज यह दुखद सूचना आ गई।
दरअसल भारतीय क्रिकेट का करीब दो साल का कालखंड ऐसा भी रहा, जब मामा-भांजा भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने रहे। बता दें कि पूर्व क्रिकेटर यशपाल शर्मा और चेतन शर्मा सगे मामा भांजा हैं। मामा यशपाल शर्मा जहां विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा होने की वजह से सुर्खियों में रहे, वहीं उनका भांजा चेतन शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हैट्रिक से चर्चा में आया था।
साल 1983 में हुए क्रिकेट विश्व कप ने जहां यशपाल शर्मा धमक दिखी, वहीं इसी साल 7 दिसंबर 1983 को चेतन शर्मा का वनडे क्रिकेट में पदार्पण हुआ था। यानी शर्मा फैमली के लिए एक तरह से यह सुनहरा साल साबित हुआ। बता दें कि यशपाल शर्मा की पांच बहनों में से निर्मल शर्मा के पुत्र हैं चेतन शर्मा।
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