संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। नेशनल हाईवे-44 पर शाहाबाद के निकट जंगल में पेड़ के नीचे आरडीएक्स, आईईडी रखने के मामले की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि धरे गए दूसरे आरोपी रोबिन की कार में विस्फोटक को शाहाबाद लाया गया था। वहीं शमशेर सिंह ने कार से विस्फोटक को निर्धारित स्थल पर रखा था। इसके एवज में आरोपियों को ढाई-ढाई लाख रुपये दिए गए थे।
सूत्रों के अनुसार भले ही स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर बरती जा रही चौकसी के दौरान अब विस्फोटक बरामद किया गया है, लेकिन इसे जून के अंतिम सप्ताह में ही शाहाबाद लाया गया था। आतंकी शमशेर सिंह उर्फ शेरा वासी चोला साहिब तथा रोबिन दोनों ही लुधियाना से विस्फोटक लेकर शाहाबाद पहुंचे थे, जहां रोबिन को कार में छोड़कर शमशेर अकेले ही जंगल में उसे रखने गया था।
आतंकी शमशेर सिंह ने अपने टारगेट को पूरा करते हुए पेड़ के पास यह सामग्री रख दी और रोबिन के साथ वापस लौट गया। अब एसटीएफ की ओर से विस्फोटक के लिए प्रयुक्त कार को बरामद किया जाएगा। फिलहाल एसटीएफ मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है। आतंकी शमशेर और रोबिन की निशानदेही पर एसटीएफ अन्य आतंकियों की तलाश के लिए दबिश भी दे रही है। आतंकी घटना के पाकिस्तान कनेक्शन की बात पहले ही सामने आ चुकी है।
अब एसटीएफ करेगी जांच
इस मामले की जांच अब एसटीएफ द्वारा ही की जाएगी। डीजीपी के आदेशानुसार जांच के लिए एसपी कुरुक्षेत्र की ओर से बनाई गई एसआईटी को जांच से हटा लिया गया है। इसकी पुष्टि एसआईटी के प्रमुख एवं शाहाबाद के डीएसपी रणधीर सिंह ने कर दी।