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Kurukshetra News: डाटा साइंस विषय पर विशेषज्ञों ने किया मंथन

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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग द्वारा इनोवेटिव ट्रेड इन स्टैटिस्टिक्स, ऑप्टिमाइजेशन एंड डाटा साइंस विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं द्वारा प्रेरणादायक वार्ता में वर्तमान शोध और भविष्य के अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला।
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काॅन्फ्रेंस के दूसरे दिन यूएई के प्रो. रामकृष्णन रमणाथन ने डेटा विज्ञान और एआई के माध्यम से खाद्य अपव्यय को कम करने के लिए नवीन समाधान प्रस्तुत किए। प्रो. राज श्रीनिवासन (कनाडा) ने नेटवर्क पर महामारी मॉडलिंग पर चर्चा की। प्रो. निलेश कुमार (दक्षिण कोरिया) हाई-डाइमेंशनल डेटा के लिए नेस्टेड ऑर्थाेगोनल लैटिन हाइपरक्यूब डिजाइंस पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा की।
प्रो. आशीष सेन गुप्ता (आईएसआई, कोलकाता) ने उच्च अस्थिरता डेटा के लिए लचीले वितरण मॉडल के बारे में बताया। प्रो. डेविड हनागल (एसपीपीयू पुणे) ने संयुक्त ज्यामितीय मॉडल प्रस्तुत किए। यूएसए के प्रो. एमबी राव ने प्रेरणादायक आंकड़ों पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा की तो वहीं प्रो. यूएसएस के थॉमस मैथ्यू ने तुल्यता परीक्षण पर महत्वपूर्ण विचार रखे। यूके के डॉ. विनोद कुमार चौहान ने सैंपल सिलेक्शन बॉयस इन मशीन लर्निंग फॉर हेल्थकेयर पर चर्चा की।
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दूसरे दिन प्रमुख वक्ता यूएसए के प्रो. शेष एन राय, प्रो. ए. कृष्णमूर्ति (सीयूएसएटी, कोचीन), प्रो. सी उमा शंकर (आरयू, कुरनूल), प्रो. सिंगारा सिंह (सीयू, हरियाणा), और प्रो. अनूप चतुर्वेदी (यूओए, इलाहाबाद) ने अपने क्षेत्रों में समकालीन चुनौतियों और अनुप्रयोगों पर अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में कई प्रतिष्ठित एंडोमेंट व्याख्यान शामिल रहे।
प्रो. एम संबंधम, प्रो. एएम माथाई (कनाडा) ने एंडोमेंट व्याख्यान के दौरान भिन्नात्मक कैलकुलस और सांख्यिकीय वितरण सिद्धांत पर चर्चा की।
इसी के साथ अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए कई पुरस्कार प्रदान किए। जिनमें आईएसपीए सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार, आईएआरएस सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार व एआर कामत सर्वश्रेष्ठ थीसिस पुरस्कार शामिल रहे।
अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के निदेशक व सांख्यिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. मुकेंद्र कादियान ने बताया कि यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक मंच के रूप में उभरा है, जिसमें वैश्विक स्तर के शिक्षाविद, शोधकर्ता और उद्योग जगत के विशेषज्ञ सांख्यिकी, अनुकूलन और डेटा विज्ञान के अंत:विषय क्षेत्रों में नवीनतम प्रगतियों, रुझानों और चुनौतियों पर चर्चा की जा रही है।
यह सम्मेलन भारतीय प्रायिकता और सांख्यिकी समाज (आईएसपीएस) के 44वें वार्षिक अधिवेशन और भारतीय विश्वसनीयता और सांख्यिकी संघ (आईएआरएस) के आठवें अधिवेशन के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। आईएआरएस व आईएसपीएस के अध्यक्ष प्रो. एससी मलिक ने कहा कि यह आयोजन कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, विश्वसनीयता मॉडलिंग और आंकड़ों की गणना जैसे क्षेत्रों में सैद्धांतिक विकास और व्यावहारिक अनुप्रयोगों को जोड़ने का एक अनूठा अवसर प्रदान कर रहा है।
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