कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में वाल्मीकि धर्म समाज सभा महर्षि वाल्मीकि के जीवन के आदर्शों व उनकी शिक्षाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शनी लगाई है। महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम के संपूर्ण जीवन को पहले ही रामायण नामक ग्रंथ में लिख दिया था। एक परिवार में आदर्श, मर्यादा, संस्कार, दायित्व, कर्तव्य सहित अन्य जिम्मेदारियों का कैसे निर्वहन किया जाए, इन सबको भगवान श्रीराम ने मानव रूप में आकर मानव जाति को प्रेरणा दी। राज्य पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर ने सोमवार को ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी को चार प्रदेश के संतों ने मिलकर तैयार किया हैं। प्रदर्शनी का उद्देश्य युवाओं को संत महात्माओं के दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना है। संवाद