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फ्रांस से आए प्रतिनिधि मंडल ने एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र का भ्रमण कर जाना मधुमक्खियां कैसे बनाती हैं शहद

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Examination of the Apiculture - फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। फ्रांस के प्रतिनिधि मंडल बुधवार को रामनगर स्थित एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र का भ्रमण करने पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल में स्वास्थ्य एवं शहद गुणवत्ता, कृषि एंव खाद्य मंत्रालय से मधुमक्खी राष्ट्रीय विशेषज्ञ फायकल मेजयानी, राष्ट्रीय मधुमक्खी पालक संघ के प्रधान फ्रैंक अलेटरू एवं कार्यकारी निदेशक डॉ. बीएल सारस्वत शामिल रहे।
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नेशनल बीबोर्ड केंद्र पर पहुंचने पर उद्यान उप-निदेशक डॉ. बिल्लु यादव ने उनका स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह एशिया महाद्वीप का पहला ऐसा केंद्र है, जो मधुमक्खी पालन के लिए बनाया गया है। यह केंद्र इंडो इजराइल वर्क प्लान पेज-2 के तहत स्थापित किया गया है। इससे पहले हरियाणा राज्य में इजराइल तकनीक के सहयोग से दो केंद्र की स्थापना की जा चुकी है, जो सब्जी उत्कृष्टता केंद्र घरौंडा व फल उत्कृष्टता केंद्र लाडवा है। यह केंद्र बागवानी विकास मिशन के तहत इजराइल देश के सहयोग से 10.50 करोड़ रुपये की लागत से 25 एकड़ में स्थापित किया गया है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 10 नवंबर 2017 को किया था। डॉ. यादव ने बताया कि बागवानी विभाग हरियाणा की पहल पर इजराइल के सहयोग से रामनगर, कुरुक्षेत्र में स्थापित एकीकृत मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों एवं विशेष मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर ग्रामीण इलाके के छोटे किसानों एवं बेरोजगार युवाओं के लिए आय का एक अच्छा साधन साबित हो रहा है। मधुमक्खी पालन से बहुआयामी फायदों को देखते हुए आज वैश्विक तौर पर इस व्यवसाय को अपनाया जा रहा है। इस अवसर पर किसान उत्पादक संगठन के पदाधिकारी व सदस्य भी मौके पर मौजूद रहे।
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