कुरुक्षेत्र। सेवानिवृत्त एएसआई राम निवास की बेटी रीटा ग्रोवर बिना सिफारिश और बिना किसी पर्ची के एचसीएस की परीक्षा पास करने के उपरांत तहसीलदार बनी है। कुरुक्षेत्र सेक्टर 13 की इस बेटी ने अपने पहले ही प्रयास में एचसीएस की परीक्षा पास की और मेरिट में एलाइड सर्विसस के तहसीलदार का पद मिला है। हालांकि रीटा ग्रोवर अभी हाल में ही डिफेंस में अकाउंट ऑडिटर के पद पर पुणे में कार्य कर रही है और एक बार यूपीएससी की परीक्षा भी पास कर चुकी है। इस उपलब्धि का श्रेय पिता सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी रामनिवास और मां सुंदरी को दिया है।
सोमवार को रीटा ग्रोवर ने सबसे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल सरकार की पारदर्शी और योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियों की नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हरियाणा में बिना पैसे और पर्ची के एचसीएस स्तर की नौकरी मिल पाएगी। लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की पारदर्शी नीतियों के चलते आज एक सामान्य परिवार की बेटी के एचसीएस बनने के सपने साकार हो गए है। रीटा ने बताया कि उसने वर्ष 2010 में गीता निकेतन आवासीय स्कूल से बारहवीं की परीक्षा 80 प्रतिशत अंक लेकर पास की, इसके बाद वर्ष 2014 में पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से बीटेक की डिग्री हासिल की और इस डिग्री के आधार पर बैंगलोर में एमएनसी कंपनी में नौकरी ज्वाइन की, यह नौकरी छोड़ने के बाद दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी शुरु की और तीन बार परीक्षा देने के बाद एक बार यूपीएससी की परीक्षा भी पास की और साक्षात्कार में पिछड़ गई। इस दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी निरंतर जारी रखी। इस दौरान माता-पिता का पूरा सहयोग रहा तथा पशु चिकित्सक चाचा इंद्र सिंह, भाई मनोज और छोटी बहन रितू ग्रोवर का स्नेह साथ रहा।
रीटा ग्रोवर ने रक्षा मंत्रालय की एक परीक्षा पास करके डिफेंस अंकाउट ऑडिटर के पद पुणे में नौकरी ज्वाइन की और स्वयं की तैयारी के बाद हरियाणा प्रदेश में एचसीएस की पहली बार परीक्षा दी और इस परीक्षा को उत्तीर्ण किया। लेकिन मेरिट में एचसीएस एलाइड के तहसीलदार पद पर नियुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास आगे भी जारी रहेंगे और वे सरकार की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ तहसीलदार के पद पर कार्य करेंगी।