यूजीसी नेट और जेआरएफ की परीक्षा रविवार को शहर के 18 केंद्रों पर हुई। इसमें हजारों परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा के लिए 10 हजार अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करवाया था, लेकिन सैकड़ों अनुपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए और आस-पास की फोटो स्टेट दुकानें बंद करवाई गई। परीक्षा के दौरान सीबीएससी की टीमें केंद्रों पर लगातार निगरानी करती रही। पिछले कई वर्षों से परीक्षा में ही यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन व परीक्षा का संचालन करवा रही सीबीएससी की ओर से ही अभ्यर्थियों को पेन मुहैया करवाए जाते रहे, लेकिन इस बार अभ्यर्थियों ने अपने पेन से ही परीक्षा दी।
परीक्षा से पहले ही अभ्यर्थियों को हिदायतें जारी कर दी गई थी कि इस बार अभ्यर्थी को अपना ब्लैक बॉल पेन लाना होगा। वहीं परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के चलते गहन अभ्यर्थियों की गहन जांच भी की गई और उन्हें पेन व रोलनंबर एवं एक आईडी प्रूफ के अलावा कुछ भी सामान परीक्षा केंद्र में नहीं ले जाने दिया गया। हालांकि इस परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों को कुछ राहत अवश्य मिली ओर उन्हें अपने आभूषण नहीं उतारने पड़े। परीक्षा का आयोजन सुबह साढ़े नौ बने से लेकर सांय साढ़े चार बजे तक तीन चरणों में किया गया।
केटीआईएम परीक्षा केंद्र पर भड़के अभ्यर्थी
केटीआईएम में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर पहले दो चरण की हुई परीक्षा के बाद ही उस समय हल्ला हो गया जब परीक्षा देकर आए अभ्यर्थियों को बाहर नहीं निकलने दिया गया। अगली परीक्षा के लिए करीब डेढ़ घंटे का ब्रेक होने के बावजूद सुरक्षा कर्मियों ने अभ्यर्थियों को मुख्य गेट से बाहर नहीं निकलने दिया, जिस पर अभ्यर्थी भड़क गए। काफी समय तक सुरक्षा कर्मी अभ्यर्थियों से उलझे रहे और बाद में संस्थान मैनेजमेंट व सीबीएससी के अधिकारियों ने उन्हें बाहर जाने की इजाजत दी। अभ्यर्थियों का आरोप था कि वह डेढ़ घंटा ब्रेक होने के बावजूद बाहर रखा खाना तक नहीं खा सकते जबकि ऐसा कोई निर्देश भी नहीं है कि ब्रेक के दौरान भी उन्हें बाहर न आने दिया जाए।
सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण हुई परीक्षा : गोयल
सीबीएससी के सिटी कोर्डिनेटर डॉ. ऋिषी गोयल ने बताया कि शहर के सभी 18 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा को लेकर कड़े बंदोबस्त किए गए थे तो वहीं विभिन्न टीमें परीक्षा की निगरानी लगातार करती रही।