कुरुक्षेत्र। उगते सूर्य की पूजा तो हर कोई करता है, पूर्वांचल समाज के लोग सूरज के हर रूप की पूजा करते हैं। ढलते सूरज की पूजा करना ही अद्भुत है। इससे यह संदेश जाता है कि हमें जीवन के उतार चढ़ाव में समान भाव रखना चाहिए। ये कहना है मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का, जोकि ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में सरकार की ओर से पहली बार आयोजित राज्यस्तरीय छठ महोत्सव में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर उन्होंने छठ पूजा की और संध्या अर्घ्य दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ब्रह्मसरोवर की सांध्यकालीन आरती में शामिल हुए, जहां पूर्व मंत्री सुभाष सुधा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मसरोवर पर छठ पर्व की आस्था और शोभा को देख बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह सूर्य की उपासना का पर्व है, ऐसा माना जाता है कि सूर्य की पूजा विभिन्न बीमारियों का इलाज करती है तो वहीं परिवार के सदस्यों को लंबी आयु भी प्रदान करती है। लोक परंपरा के मुताबिक भगवान सूर्य नारायण और छठ मैया का संबंध भाई-बहन का है। भगवान सूर्य नारायण के साथ-साथ छठ मैया की भी आज के दिन पूजा की जाती है। उन्होंने पूर्वांचल समाज के लोगों को छठ पर्व की बधाई दी एवं आभार प्रकट किया।
सीएम सैनी ने कहा कि सरकार हर समाज के हित में कार्य कर रही है। प्रदेश में करनाल, यमुनानगर सहित अन्य स्थानों पर नए घाट बनाने का कार्य पिछले 10 वर्षों में किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। छठ पूजा के लिए श्रद्धालुओं को पानी में पूजा करनी होती है, उसके लिए भी प्रदेश सरकार पानी की व्यवस्था हर क्षेत्र में करने के लिए प्रयासरत रहेगी।