कुरुक्षेत्र। महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का अब हर प्रदेश में असर दिखाई दे रहा है। महिलाएं न केवल खुद आत्मनिर्भर हो रही है बल्कि अब दूसरों के लिए रोजगार के दरवाजे भी खोल चुकी है।
महिलाओं की इस मजबूती की झलक अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में भी देखने को मिल रही है, जहां 19 राज्यों से ऐसी महिलाएं पहुंची है, जिनकी कला एवं हुनर को देख हर कोई ठहर जाता है। महोत्सव में इन महिलाओं ने 100 स्टॉल सजाए हैं, जहां उनके सपनों को पंख लग रहे हैं।
देश के इतने राज्यों की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने महोत्सव में हिस्सा लिया है, जो उनके सामूहिक प्रयास और विविधता का भी प्रतीक है। इन स्टॉलों पर हस्तनिर्मित वस्तुएं, पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक खाद्य सामग्री, कपड़े और अन्य सामग्री प्रदर्शित की गई हैं। पर्यटक इन उत्पादों को न केवल पसंद कर रहे हैं, बल्कि उन्हें खरीदकर इन महिलाओं के प्रयासों का समर्थन भी कर रहे हैं। इन स्टॉलों को सजाने और संभालने में महिलाओं के परिवारों का भी योगदान सराहनीय है। बच्चों से लेकर अन्य परिवार के सदस्य पूर्ण सहयोग कर रहे हैं। यह नजारा ये साबित करता है कि जब महिलाओं को सही मंच मिलता है, तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकती हैं।
पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर केंद्र सरकार का मिशन महिला सशिक्तकरण भी सफल होता दिखाई दे रहा है। गीता महोत्सव केवल आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन ही नही, बल्कि महिलाओं की ताकत और उनके हुनर को उजागर करने का भी एक बेहतरीन माध्यम बन गया है।
सरकार की ओर से बिना किसी शुल्क के महिलाओं को स्टॉल दिए गए हैं। महिलाओं का कहना है कि उनके हुनर और कला को मंच देने के लिए सरकार द्वारा की गई पहल सराहनीय है। इससे उन्हें मानसिक और आर्थिक तौर पर मजबूती मिल रही है।
इन राज्यों से पहुंची महिलाएं ः हिमाचल प्रदेश, गुजरात, जम्मू कश्मीर, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, असम, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, पश्चिमी बंगाल, त्रिपुरा सहित अन्य राज्यों से महिलाएं अपनी-अपनी कला व हुनर को लेकर पहुंची है।
स्वयं सहायता समूह के जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेश कुमार का कहना है कि महिलाओं को सशक्त करने तथा आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं तथा अपनी कला और हुनर को दिखाने के लिए मंच भी प्रदान किया जा रहा है। इससे महिलाएं आर्थिक तौर पर भी मजबूत होंगी। संवाद