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सिक्सलेन बनाने के बाद भी जाम मुक्त नहीं हो पाया रेलवे रोड

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साढ़े 10 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई डेढ़ किमी. मॉडल रोड अवैध कब्जों व पार्किंग की चपेट में है। करीब साढ़े तीन साल पहले जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए रेलवे रोड को सिक्सलेन बनाया गया था। लेकिन अतिक्रमण व अवैध पार्किंग ने फिर से इस सड़क पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया है। हालात यह है कि सड़क का 70 प्रतिशत हिस्सा अतिक्रमण व अवैध पार्किंग की भेंट चढ़ा हुआ है, जिस वजह से राहगीरों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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रेलवे रोड पर जिला डाकखाना सहित 14 बैंकों की मेन शाखाओं, ऑटो मार्केट, तीन होटल, छह ढाबे, पांच रेस्टोरेंट के अलावा अनेक व्यापारिक प्रतिष्ठानों के वाहनों से रोड पूरा दिन अटा रहता है। यहां रोजाना लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए करीब साढ़े तीन साल पहले इसे सिक्स लेन बनाया गया था। अवैध कब्जे व पार्किंग के चलते यह अब सिर्फ नाम का ही सिक्स लेन रह गया है। नगर परिषद व यातायात पुलिस इस सड़क को अपनी असली स्वरूप में लाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है, जिसके कारण अतिक्रमण करने वालों के हौसले दिन-प्रतिदिन बुलंद होते जा रहे है और खामियाजा आम जनता को आए दिन जाम का सामना करके भुगतना पड़ रहा है। इस रोड पर तीन विद्यालय व एक महाविद्यालय भी पड़ता है, जिनके विद्यार्थियों के आवागमन के समय यहां कब्जे व अवैध पार्किंग के चलते स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। अवैध पार्किंग में खड़े वाहनों की वजह से यहां अब तक कई हादसे हो चुके है।
सिक्स लेन बनाते समय पार्किंग की समस्या को देखते हुए सड़क पर पीली पट्टी लगाई गई थी, ताकि चालक अपने वाहन इस पीली पट्टी के भीतर खड़े कर सकें, लेकिन इसका कोई असर दिखाई नहीं दिया। चालक अपनी मनमर्जी से सड़क पर कहीं भी वाहन खड़े कर अपने काम से चले जाते हैं, जिससे अन्य वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है। इस सिक्स लेन मार्ग पर पैदल चलने के लिए फुटपाथ व साइकिल चलाने के लिए अलग से ट्रैक भी बनाया गया था, लेकिन अब फुटपाथ पर दुकानदार ने अतिक्रमण कर रखा है और साइकिल ट्रैक पर लोग अपने वाहन खड़े करने लगे है।
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रेलवे रोड पर 14 बैंकों की मुख्य शाखाओं के वर्किंग टाइम सुबह 10 बजे से सायं 5 बजे तक स्थिति सबसे ज्यादा खराब रहती है। क्योंकि बैंक में आए कर्मचारियों व उपभोक्ताओं को मजबूरन अपने वाहन बैंक के बाहर सड़क पर ही खड़े करने पड़ते है जिससे की यहां वाहनों का जमावड़ा लग जाता है। कई वाहन तो दिनभर सड़क के बीच में ही खड़े रहते है। इन बैंकों में सबसे ज्यादा भीड़ एसबीआई व पीएनबी बैंक के आगे होती है।
शहरवासी राजेश ने बताया कि नगर परिषद की लापरवाही के कारण रेलवे रोड अतिक्रमण का शिकार हो गया है। यदि समय-समय पर अभियान चलाकर नप अतिक्रमण को हटाती रहे तो अतिक्रमण करने वालों में भी एक भय बना रहेगा, जिससे स्थिति काफी हद तक सुधर सकती है।
शहरवासी राजू ने बताया कि रेलवे रोड को सिक्स लेन करने के साथ-साथ इसके सुंदरीकरण पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन बावजूद इसके कई बार यहा लगी कुछ स्ट्रीट लाई बंद रहती है और तीन जगह लगाए गए फव्वारा सिस्टम कभी कभार ही चलते नजर आते है।
यातायात प्रभारी रामकरण ने बताया कि यातायात बिल्कुल भी प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। यदि कोई सड़क पर वाहन खड़ा करता है तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। वह रोजाना इस सड़क पर राउंड करके जायजा लेंगे। लोगों को जागरूक करने का काम भी किया जाएगा।
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