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Kurukshetra News: मां ने बढ़ाया हौसला तो मुकाम तक पहुंची, जीता मिसेज इंडिया इंटरनेशनल-2025 का फर्स्ट रनर-अप खिताब

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कुरुक्षेत्र। नेहा शर्मा के साथ प्राचार्या सुमन बाला। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। सात पीढ़ियों में मैं अपने परिवार की पहली बेटी हूं और हमेशा सोचा था कि मुझे परिवार के लिए कुछ अलग करना है ताकि लोग बेटी को बोझ न समझें। इसी सोच के साथ आगे बढ़ती गई और अब मुकाम मिला तो संतोष भी हुआ है। ये कहना है कुरुक्षेत्र की नेहा शर्मा जोनस का, जिन्होंने ग्लैमआन मिस एंड मिसेज इंडिया इंटरनेशनल-2025 प्रतियोगिता में फर्स्ट रनर-अप का खिताब अपने नाम किया।
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वीरवार को नेहा कुरुक्षेत्र पहुंची। शहर के छोटा बाजार में परिवार से मिलने के बाद नेहा ने अपना अधिकतर समय स्कूली शिक्षकों के बीच बिताया। दिल्ली के टिवोली होटल में 9 से 13 सितंबर तक हुई इस प्रतियोगिता में 35 प्रतिभागियों के बीच नेहा ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अंतिम चरण में 14 प्रतिभागी पहुंचीं जिनमें नेहा ने हरियाणा और स्कॉटलैंड का प्रतिनिधित्व करते हुए यह सफलता पाई। नेहा ने अपनी कामयाबी का श्रेय सबसे ज्यादा अपनी मां सरोज शर्मा को दिया। वे पिछले 35 साल से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। नेहा ने बताया कि मां ने मुझे कभी बेटी नहीं, हमेशा बेटों की तरह पाला। हर कदम पर मेरा साथ दिया और कभी कोई कमी महसूस नहीं होने दी। मेरी ताकत मेरा बेटा आर्यन और मेरे पति हैं, जो हर परिस्थिति में मुझे सहयोग करते हैं।

उन्होंने बताया कि करीब 16 साल पहले वे नई उम्मीदों के साथ स्कॉटलैंड गईं और वहां नेशनल कल्चरल एसोसिएशन बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। जीतना ही जीवन का सार नहीं है। हार से भी सीखकर आगे बढ़ा जा सकता है। नेहा ने छात्राओं को कहा कि हमें कभी अपने आपकी दूसरों से तुलना नहीं करनी चाहिए। असली सुंदरता आंतरिक होती है। हार से घबराना नहीं चाहिए बल्कि हर हार से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
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स्कूल की यादें और बताई संघर्ष की कहानी
नेहा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गीता कन्या विद्यालय कुरुक्षेत्र से प्राप्त की, जहां वीरवार को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। नेहा ने बताया कि मैं स्कूल के प्रथम तल पर कोने के रूम में सेकेंड बेंच पर बैठा करती थी। अध्यापकों की बातें आज भी याद हैं। जीवन में सब साथ छोड़ सकते हैं लेकिन ज्ञान हमेशा साथ रहता है। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातक व पीजीडीसीए, फिर महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई की। इस अवसर पर उनकी मां सरोज शर्मा, विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष राजेंद्र सिंह कलेर, उपाध्यक्ष चेतराम शर्मा, प्राचार्या सुमन बाला, शिक्षाविद डॉ. हरिप्रकाश शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। पूर्व आचार्य और शिक्षकों ने भी नेहा को बधाई दी।

कुरुक्षेत्र। नेहा शर्मा के साथ प्राचार्या सुमन बाला। स्वयं

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