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Kurukshetra News: वर्षों की लंबित मांगों के लिए कर्मचारियाें में रोष, घटों चली वार्ता

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कुरुक्षेत्र। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ डिपो की वर्षों की लंबित मांगों के समर्थन में नया बस अड़्डा पर बैठक हुई, जिसमें वर्षों की लंबित मांगों के लिए सभी कर्मचारियों से चर्चा की गई। इससे कर्मचारियों में रोष है। बैठक में प्रधान रामपाल ने कहा कि परिवहन क्षेत्र में परिवहन कर्मचारी और मज़दूरों के संबंध में 24 मार्च 2025 को ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के आह्वान पर दिल्ली संसद कूच में भारी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में हरियाणा की जनसंख्या लगभग एक करोड़ थी और प्रदेश के रोडवेज विभाग में 23 हजार कर्मचारी पर 3840 सरकारी बसें थी। अब हरियाणा प्रदेश की जनसंख्या लगभग दो करोड़ 53 लाख एक हजार 462 हो चुकी है लेकिन 25 साल के अंतराल में सरकारी बसों की संख्या घटकर मात्र 2400 लगभग रह गई है और कर्मचारियों की संख्या घटकर 14 हजार के लगभग रह गई है।
उन्होंने कहा सरकार प्राइवेट इलेक्ट्रिक बसें ठेके पर चलाने के निर्णय रद्द करने सहित सभी प्रकार की प्राइवेट बसों को बंद कर रोडवेज के बेड़े में 10 हजार सरकारी नई बसें शामिल करे, जिससे 60 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा और जनता को बेहतर परिवहन सेवा प्रदान होगी। सरकार मानी हुई मांगों को जल्द लागू करे और आठवें वेतन आयोग का गठन करे। परिचालकों व लिपिकों का वेतन अपग्रेड करके 35,400 रुपये किया जाए, चालक मैकेनिक स्टोर कीपर व कैशियर सहित सभी श्रेणियों की वेतन विसंगति दूर की जाए, हैवी चालक का वेतन 53 हजार रुपये किया जाए।
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उन्होंने कहा कि परिचालक से उपनिरीक्षक व निरीक्षक की पदोन्नति होने पर अन्य श्रेणियां की भांति वेतन वृद्धि दी जाए, पुरानी पेंशन बहाल की जाए पुरानी छुट्टी बहाल करते हुए देय अर्जित अवकाश सहित सभी लाभ दिए जाएं, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, कर्मशाला कर्मचारियों के कम किए गए राजपत्रित अवकाश पहले की तरह लागू किए जाएं।
बैठक में डिपो सचिव राकेश कुमार ने कहा कि रोडवेज के बेड़े में प्राइवेट किमी स्कीम की बसें न लाकर सरकारी बसें शामिल करें और इस निजीकरण की नीतियों को बंद करें। उपरोक्त बातों पर सरकार ध्यान नहीं देती है तो रोडवेज कर्मचारी आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होंगे। बैठक में महासचिव सुमेर सिवाच मुख्य संगठन सचिव रमेश, राज्य कोषाध्यक्ष सुशील ईकश, उप महासचिव नवीन राणा, डिपो प्रधान रामपाल, डिपो सचिव राकेश कुमार, उपप्रधान सर्वजीत सिंह, सह सचिव विनोद कुमार, चंद्रभान के साथ अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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