कुरुक्षेत्र। सेक्टर-़17 स्थित बिजली ट्रांसफार्मर। संवाद
- फोटो : Samvad
कुरुक्षेत्र। जिले में गर्मियों के दौरान होने वाले बिजली संकट और लंबे ब्लैकआउट से राहत दिलाने के लिए बिजली निगम ने इस बार व्यापक और रणनीतिक मास्टर प्लान तैयार किया है। तकनीकी खराबी या ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर फुंकने की स्थिति में अब उपभोक्ताओं को कई दिनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
महज कुछ घंटों में बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। बिजली निगम ने इमरजेंसी बैकअप के तौर पर 150 ट्रांसफार्मरों का स्टोर रिजर्व तैयार किया है। इसके साथ ही ट्रांसफार्मर बैंक और मोबाइल ट्रांसफार्मर जैसी आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है जिससे खराब ट्रांसफार्मर को तुरंत बदलना संभव होगा। खासतौर पर आंधी-तूफान या अचानक लोड बढ़ने की स्थिति में यह व्यवस्था बेहद कारगर साबित होगी।
चिन्हित स्थानों पर लगेंगे 125 नए ट्रांसफार्मर : बढ़ती गर्मी और बिजली की संभावित अधिक मांग को देखते हुए निगम ने अप्रैल माह तक विशेष एक्शन प्लान तैयार किया है। जिले के विभिन्न हिस्सों में ओवरलोडिंग की समस्या को खत्म करने के लिए 125 नए ट्रांसफार्मरों को चिन्हित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तकनीकी टीम ने उन हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान की है, जहां पिछले साल बार-बार ट्रिपिंग और ट्रांसफार्मर फुंकने की समस्या सामने आई थी।
विभाग ने बनाए ट्रांसफार्मर बैंक : एमजी जिंदल
बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता एमजी जिंदल ने बताया कि अप्रैल तक सभी प्रमुख तकनीकी कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति देना निगम की प्राथमिकता है। शहरी क्षेत्रों के लिए मोबाइल ट्रांसफार्मर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ट्रांसफार्मर बैंक बनाए गए हैं। इनमें 100 ट्रांसफार्मर स्टॉक में रखे गए हैं, जबकि 50 मोबाइल ट्रांसफार्मर तैयार रखे गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत समाधान किया जा सके।
कुरुक्षेत्र। सेक्टर-़17 स्थित बिजली ट्रांसफार्मर। संवाद- फोटो : Samvad