कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में खड़ी एबुलेंस। संवाद
कुरुक्षेत्र। एचसीएमएसए की हड़ताल खत्म होने के बाद अस्पतालाें में इमरजेंसी, ओपीडी, एमएलआर और पोस्मार्टम की सुविधाएं तो पटरी पर लौट आईं, मगर एनएचएम कर्मी अभी अपनी मांगों पर अडिग हैं। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कार्यरत कर्मियों का धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। हालांकि तीसरे दिन उनकाे एंबुलेंस विभाग के करीब 40 में से 25 एनएचएम कर्मियों का समर्थन जरूर मिल गया। उनके हड़ताल में शामिल होते बची हुई अकेली एंबुलेंस सेवा भी प्रभावित हो गई, मगर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत कर्मियों ने एंबुलेंस के स्टेरिंग संभाल लिए।
हड़ताल में शामिल हुए कर्मियों के बगैर स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस सेवा बहाल रखने में काफी परेशानी हुई। एचकेआरएन कर्मियों की डबल शिफ्ट में ड्यूटी लगाकर सेवा को चलाया जा रहा है। इसके अलावा हड़ताल के कारण एनएचएम से जुड़ी अन्य सब तरह की सेवाएं पहले की भांति प्रभावित रहीं। उधर, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्वेसज एसोसिएशन एचसीएमएसए के चिकित्सकों की हड़ताल के बाद मरीजों और विभाग ने राहत की सांस ली। सुबह ही चिकित्सक अपनी-अपनी ड्यूटी पर पहुंच गए।
विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार के बावजूद जिला अस्पताल में कुल 830 ओपीडी हुई, जिसमें 163 नई और 667 पुराने मरीज जांच और उपचार के लिए पहुंचे। गायनी विभाग में चार सर्जरी हुई, जबकि हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक ने चार लोगों के ऑपरेशन किए। वहीं फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. नरेश सैनी ने एक युवक के शव का पोस्टमार्टम किया। उसके अलावा अन्य तरह की सुविधाओं में भी मरीजों को कोई परेशानी नहीं हुई। संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जांच के बाद मरीजों को उपचार किया।
मांगे माने जाने तक जारी रहेगी उनकी हड़ताल : डॉ. सुरेश शर्मा
एनएचएम के तहत कार्यरत बाल कार्यक्रम विशेषज्ञ डॉ. सुरेश शर्मा ने बताया कि मांगे माने जाने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। उनकी हड़ताल से 10 तरह की सेवाओं के साथ विभिन्न कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। जिले के 120 हेल्थ वेलनेस सेंटर पर होने वाले टीकाकरण असर पड़ रहा है। यहां कार्यरत 250 एएनएम के हड़ताल में होने से शुक्रवार को 0 से पांच साल तक के करीब 600 बच्चों का टीकाकरण प्रभावित हुआ। एनसीडी, स्कूल स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य जैसे कार्यक्रम लगभग बंद ही पड़े हैं।