कुरुक्षेत्र। बिजली निगम का सरकारी विभागों व डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर करीब 27 करोड़ रुपये बकाया है, इनमें से 24 हजार डिफाल्टर बिजली उपभोक्ताओं पर ही करीब 25 करोड़ बकाया है। जिले में करीब ढ़ाई लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 28 हजार उपभोक्ता डिफाल्टर चल रहे थे। सप्ताहभर में आठ हजार उपभोक्ताओं ने डिफाल्टरी तोड़कर छह करोड़ का भुगतान किया।
सरकारी विभागों पर बिजली निगम का करीब तीन करोड़ का भुगतान अटका है। सरकारी विभागों में सबसे ज्यादा नगर परिषद पर करीब एक करोड़ व पंचायत पर सवा करोड़ रुपया बकाया है। नगर परिषद ने करीब एक साल से बिल नहीं भरा। पुलिस विभाग पर 10 लाख, शिक्षा विभाग पर 10 लाख, सर्किट हाउस पर 30 लाख, स्वास्थ्य विभाग पर पांच लाख, डीसी ऑफिस पर 30 लाख रुपये का बिल बकाया है। उधर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि परिषद का इतना लंबा बिल व भुगतान बकाया नहीं हो सकता। निगम के प्रोपर्टी टैक्स की एवज में परिषद का बिजली बिल समायोजित होता है। अगर भुगतान लंबित माना जा रहा है तो इसका पता करवाकर उचित कदम उठाया जाएगा।
आठ हजार उपभोक्ताओं ने डिफाल्टरी तोड़ी : बिजली निगम के एसई मदन गोपाल जिंदल का कहना है कि सरकारी विभागों पर निगम का करीब तीन करोड़ व डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर 25 करोड़ का बिल बकाया है। डिफाल्टर उपभोक्ताओं के लिए सरचार्ज माफी योजना चला रखी है। डिफाल्टर उपभोक्ता अपनी डिफाल्टरी तोड़ रहे हैं। आठ हजार उपभोक्ताओं ने डिफाल्टरी तोड़ी है, इन उपभोक्ताओं से छह करोड़ की रिकवरी हुई है, जो उपभोक्ता बिल की राशि जमा नहीं कराएंगे जल्द ही उनके कनेक्शन काटे जाएंगे।