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बैंक की तर्ज पर होगा ऑनलाइन बिजली अकाउंट

Sun, 06 Mar 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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‌िबबिजली - फोटो : file
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अब आप बिजली संबंधी पूरी जानकारी ऑनलाइन हासिल कर सकेंगे। इसके लिए बिजली निगम नई पहल शुरू करने जा रहा है। इसमें उपभोक्ताओं को संतुष्टी और उन्हें बिल के बारे में अपडेट रखने के लिए बैंक अकाउंट्स की तर्ज पर बिजली संबंधित पल-पल की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए उनका ऑनलाइन बिजली अकाउंट खोला जाएगा। इस काम को 31 मार्च तक पूरा करके उपभोक्ताओं को सुविधा देनी है। लेकिन अधिकारियों का मानना है कि एक दो माह यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ सकता है। क्योंकि डोर-टू-डोर जाकर इस काम को करने में समय लग रहा है। सरकार की इस स्कीम पर प्राथमिक चरण में जिले की छह सब डिविजनों के एक लाख छह हजार 549 उपभोक्ताओं को जोड़ना है। इसके लिए निगम की तरफ उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन के साथ आधार नंबर जोड़ रहे हैं।
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बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि जिस प्रकार बैंक अकाउंट्स की पूरी जानकारी उपभोक्ता के पास होती है। इस तरह की जानकारी उपभोक्ताओं को बिजली की भी होगी। करनाल सिटी की पांच सब डिवीजन और करनाल सिटी टू की एक डिवीजन घरौंडा को शामिल किया है। इस सिस्टम में उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए उनकी पूरी जानकारी लेकर ऑनलाइन किया जाएगा। इससे उपभोक्ता को पता चलता रहेगा कि उन्होंने कितने यूनिट खर्च कर लिए हैं और कितने यूनिट का कितना बिजली बिल बन चुका है।

जिले में 678 फीडरों से लगभग चार लाख 38 हजार मीटरों पर बिजली सप्लाई होती है। कुल छोड़ी गई बिजली से बिल बहुत कम आता है। बिजली निगम ने बिजली चोरी रोकने के लिए इस ऑनलाइन सिस्टम पर काम चल रहा है। इसके तहत फीडर से लेकर मीटर तक जाने वाला करंट निगम व उपभोक्ताओं की निगरानी में रहेगा। फीडर पर जितनी यूनिट छोड़ी जाएगी और आगे मीटरों में यूनिट कम निकाली तो सोफ्टवेयर दर्शा देगा कि उक्त नंबर मीटर से बिजली बर्बाद हुई है। इस प्लान पर सर्वे चल रहा है और आगामी मई या जून महीने में सिस्टम को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। फिलहाल इस सिस्टम का टेंडर एचसीएल (हॉरटोन कारपोरेशन लिमिटेड) को दिया है। जिसको बिजली निगम ने करनाल शहरी एरिया का डाटा उपलब्ध करा दिया है। शहरी एरिया में ही इसके परिणाम देखे जाएंगे। यदि सकारात्मक परिणाम आए तो ग्रामीण एरिया में भी इसी सिस्टम को लागू किया जाएगा। प्राथमिक चरण में करनाल के पांच सबडिविजन और घरौंडा का एक सब डिविजन को शामिल किया गया है।
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10 में से सात शिकायतें बिल संबंधित
बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन सिस्टम का फायदा है कि उपभोक्ता संतुष्ट करेगा। मौजूदा समय में 10 में से सात शिकायतें निगम के पास बिजली बिल संबंधित रहती है। उपभोक्ताओं की शिकायत रहती है कि उनका बिल ज्यादा है। पिछले बिल के रुपये अगले बिल में एडजस्ट नहीं हुए। रिडिंग कम, लेकिन बिल ज्यादा है। इससे कर्मचारी फील्ड का काम नहीं कर पाते और उपभोक्ताओं को संतुष्ट करने में व्यस्त रहते हैं। इससे निगम का काम सुचारू रूप से नहीं हो पाता और उपभोक्ता भी परेशान रहते हैं।

बिजली चोरी करने वाले भी बहुत चालाक
बिजली निगम के अफसर जिस स्कीम को लांच करते हैं लोग भी उसका तोड़ निकाल लेते हैं। पहले मीटर से तार हटाकर बिजली चोरी करते थे। मीटर घर से बाहर लगवाए तो लोग मीटर से पहले ही कट करके बिजली चोरी करने लगे। उपभोक्ता कहते हैं कि बिजली का बिल बहुत महंगा है। इसको इस महंगाई में पूरा नहीं भरा जा सकता। यदि शहर में 500 से 700 रुपये बिल फिक्स कर दें और ग्रामीण एरिया में 300 से 400 रुपये प्रति दो माह बिल कर दें तो बिजली निगम को बचत होगी। क्योंकि इस स्लेब में सभी लोग बिल भरेंगे और चोरी भी नहीं करेंगे।


बैंक की तर्ज पर बिजली निगम भी उपभोक्ताओं को ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराएगा। ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने का काम 31 मार्च पूरा किया जाना है। उपभोक्ताओं की संतुष्टी और उनको बिजली निगम के बारे में अपडेट रखने के लिए के लिए यह काम किया जा रहा है। छह सब डिवीजनों में ट्रायल के तौर पर लगा रहे हैं। परिणाम बेहतर आए तो प्रदेशभर में यह प्रोजेक्ट लागू हो सकता है।
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-कशिक मान, एक्सईएन, करनाल सिटी डिवीजन।
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