फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

18 हजार बच्चों के कंठ से निकलेंगे संस्कार देने वाले 18 हजार श्लोक

Thu, 03 Nov 2016 12:50 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
विज्ञापन
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह पर 18 हजार स्कूली विद्यार्थियों के कंठ से एक साथ बच्चों को संस्कारित और प्रेरणा देने वाले पवित्र ग्रंथ गीता के 18 श्लोकों का उच्चारण होगा। इन श्लोकों के साथ-साथ दूसरे दिन 18 हजार विद्यार्थी ही 3 बार सूर्य नमस्कार करेंगे और सुंदर संकल्प गीत को दोहराएंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, आरएसएस के सह सरकार्यवाह दत्तात्रे, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के साथ-साथ योग गुरु स्वामी रामदेव के भी शिरकत करने की संभावना है। 
विज्ञापन


विधायक सुभाष सुधा ने बताया कि गीता जयंती महोत्सव का आयोजन 6 से 10 दिसंबर तक ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर किया जा रहा है। इस समारोह से पहले 1 दिसंबर से 11 दिसंबर तक क्राफ्ट मेले का आयोजन भी किया जा रहा है। इस उत्सव के मुख्य कार्यक्रमों के दूसरे दिन 7 दिसंबर को 18 हजार विद्यार्थी पवित्र ग्रंथ गीता के उन 18 श्लोकों का उच्चारण करेंगे, जिन श्लोकों का मनन और सुनकर युवा पीढी को संस्कार और प्रेरणा मिल सके। इस उत्सव में पहली बार 18 हजार विद्यार्थी ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर एक साथ किसी भी कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर एक नया इतिहास बनाने की और अग्रसर होंगे। 

उन्होंने कहा कि 7 दिसम्बर को जिला के मुख्यत: सभी स्कूलों से 18 हजार विद्यार्थी सुबह 10 बजे से 12 बजकर 30 मिनट तक जहां 18 श्लोकों का उच्चारण करेंगे वहीं तीन बार सूर्य नमस्कार और संकल्प गीत को भी दोहराने का काम करेंगे। जिले के विभिन्न स्कूलों से आने वाले हजारों विद्यार्थियों को 18  श्लोकों के अर्थ समझाने और उनकी सहज भाषा हिन्दी में अनुवाद करने को लेकर करीब 50 हजार पुस्तकें भी प्रकाशित की जाएंगी। कार्यक्रम को लेकर 1 हजार लोग व्यवस्था बनाने में कार्य कर रहे है। इन व्यवस्थाओं में विद्या भारती  संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेन्द्र सिंह, आरएसएस के विभाग सहकार्यवाहक डॉ. प्रीतम सिंह, मदन मोहन छाबड़ा, विजय नरुला, उपेन्द्र सिंघल सहित प्रशासनिक अधिकारी लगे हुए हैं।
विज्ञापन


दो बार हो चुका है कार्यशालाओं का आयोजन
कुरुक्षेत्र विजन से मदन मोहन छाबड़ा का कहना है कि सूर्य नमस्कार और श्लोकोच्चारण को लेकर एक बार प्रिंसिपल और डीपीआई, पीटीआई और विद्यार्थियों की दो कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है और कुछ ही दिनों में डीपीआई और पीटीआई की एक और कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें