कुरुक्षेत्र। पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए जर्मनी से आए दोनों बदमाशों कर्ण विहार करनाल निवासी विशाल व उसके साथी ढांड निवासी निखिल के अब पासपोर्ट रद्द करवाने की पुलिस ने कवायद शुरू कर दी है, जिससे वे दोबारा विदेश नहीं जा सकेंगे।
वहीं पिहोवा में हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर हुए चर्चित कार लूटकांड की जांच में पुलिस के सामने नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी विशाल और निखिल ने कार लूट की वारदात से पहले कैथल जिले के ढांड निवासी एक कॉस्ट्यूम डिजाइनर से रंगदारी वसूली थी। आरोप है कि दोनों ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर कारोबारी से 20 लाख रुपये की मांग की थी।
पुलिस जांच के अनुसार जान से मारने की धमकियों से भयभीत होकर कारोबारी ने आरोपियों से समझौता कर लिया। तय योजना के तहत उसने दो लाख रुपये ढांड बस अड्डे के पीछे एक स्थान पर रख दिए, जहां से एक युवक ने रकम उठाकर आरोपियों तक पहुंचाई। पुलिस का मानना है कि इस रकम ने आरोपियों के हौसले बढ़ा दिए और उन्होंने संगठित अपराध की दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर दिया।
सीआईए दो के प्रभारी मनदीप के अनुसार जांच में सामने आया है कि जर्मनी से भारत लौटने के बाद दोनों आरोपी एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आए, जो वर्तमान में अमेरिका में रह रहा है। पुलिस के अनुसार उसी व्यक्ति ने उन्हें बड़े अपराध के लिए उकसाया था। आरोपियों ने कथित रूप से हत्या, लूट और रंगदारी जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए अपना नेटवर्क तैयार किया। जांच में यह भी सामने आया कि आगे की आपराधिक योजनाओं के लिए आरोपियों ने वाहन और हथियारों का इंतजाम करने की तैयारी की। इसी क्रम में 12 जून की रात अंबाला के एक टैक्सी चालक से कार लूटने की वारदात को अंजाम दिया गया था।
मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें निखिल उर्फ नकुल, अभिषेक, अजय, जसकरण, कमलजीत सिंह, रोहित कुमार और लविश शामिल हैं।
वहीं मुख्य आरोपी विशाल पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।