राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा निजीकरण नीति के विरोध में वीरवार को तीसरे दिन धरना प्रदर्शन जारी रखा। लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग के फैसलों से लग रहा है कि सरकारी शिक्षा को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। सरकार को चाहिए कि अगर कोई बच्चा निजी स्कूल में पढ़ना चाहता है तो उसकी फीस खुद भुगतान करें, जबकि सरकार को राजकीय स्कूलों को ही प्रमोट करना चाहिए था। इसके उल्ट संस्कृति मॉडल स्कूलों में नाम पर फीस की वसूली की जा रही है। मजदूर व गरीब का एक भी बच्चा यह फीस देने में भी सक्षम नहीं है। यह सभी के लिए शिक्षा अधिकार का उल्लंघन है। नए सत्र में स्कूलों में अब तक पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंची। इससे साफ है सरकार का अपने स्कूलों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। राजकीय अनुसूचित अध्यापक संघ ने भी प्राथमिक शिक्षक संघ के धरना को समर्थन दिया। राज्य प्रेस प्रवक्ता सूबे सिंह सुजान ने सरकार एवं शिक्षा विभाग से मांग रखी है कि आजकल हरियाणा में गर्मी से तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और कक्षा पहली से पांचवीं तक के छोटे बच्चों का गर्मी व लू से बुरा हाल है, इसलिए अब प्राथमिक विद्यालयों का समय परिवर्तन करना चाहिए। शिक्षा विभाग प्राथमिक विद्यालयों का समय सुबह सात से 12 बजे तक कर दिया जाना चाहिए। इस मौके पर जिला अध्यक्ष राजेंद्र टंडन, देव दत्त, महासचिव संदीप चौहान, सुरेश पलवल, संजीव, देव कुमार, नरेश फूले, रामकुमार, संरक्षक राजेश हबाना, दिलीप कुमार, नरेश कुमार, अमरजीत पांचाल, धर्मबीर सिंह, नवीन वर्मा, दीनाराम कैत, नरेंद्र प्रकाश, जतिन, सुशील कुमार, राजेश, सतीश भारद्वाज, चरनजीत कौर, रीटा, रेणु दाबडा, जनकराज, जसबीर सिंह, राजेंद्र कुमार, अशोक कुमार, वीरेंद्र राठी, सुमित कुमार, संजीव कुमार,दिनेश कुमार, राजपाल व अश्विनी कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।