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केयू में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत केजी टू पीजी योजना सत्र 2021-22 से होगी लागू

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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अब एक ही छत के नीचे केजी से पीजी कक्षा तक की शिक्षा दी जाएगी। नई शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के तहत विश्वविद्यालय प्रशासन ने केजी टू पीजी स्कीम के तहत सत्र 2021-22 में दाखिले के लिए तैयारी की है। कुरुक्षेत्र विवि प्रदेश का ऐसा पहला विश्वविद्यालय होगा, जिसमें केजी टू पीजी तक शिक्षा देने के लिए इस प्रणाली को अपनाया है। यही नहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्ष 2022 से यूजी और पीजी कार्यक्रमों में एनईपी को लागू करने के लिए रोडमैप भी तैयार किया है।
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केयू की कार्यकारी परिषद ने पहले ही संस्थागत विकास योजना को मंजूरी दी है और सरकार को इसकी ढांचागत रूपरेखा सौंपी है। विवि के यूटीडी एवं संस्थानों में चलाए जा रहे यूजी और एकीकृत पाठ्यक्रमों में 15 प्रतिशत अतिरिक्त सीटें (रेगुलेट्री बोर्ड द्वारा अनुमति नहीं दी गए कोर्सिज को छोड़कर), यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल के छात्रों को दी जाएंगी। किसी पाठ्यक्रम में अधिसंख्य सीटों पर प्रवेश विश्वविद्यालय विवरणिका में दिए गए पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित पात्रता मानदंड के अनुसार किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से केजी से पीजी योजना के तहत यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्री-कंडीशन यह रखी गई है कि जिन उम्मीदवारों ने यूनिवर्सिटी के मॉडल स्कूल में अध्ययन किया है, उन्हें इस योजना के तहत यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा, बशर्ते कि योग्यता परीक्षा यूनिवर्सिटी स्कूल से उत्तीर्ण की गई हो और छात्र ने न्यूनतम 2 साल की अवधि के लिए अध्ययन किया हो। इस योजना के तहत अलग-अलग आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे और विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल (1 वर्ष= 0.5 अंक) में प्राप्त स्कूली शिक्षा के आधार पर योग्यता परीक्षा में एक अलग योग्यता सूची तैयार की जाएगी। इस श्रेणी में छात्रों की अनुपलब्धता की स्थिति में अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों को इसके तहत दाखिला नहीं दिया जाएगा।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि नई शिक्षा नीति को लेकर हरियाणा सरकार एवं हायर एजुकेशन कमीशन, हरियाणा के साथ कई महत्वपूर्ण बैठक भी हो चुकी हैं। केयू एनईपी 2020 की अवधारणा, विकास योजना और कार्यान्वयन कार्यक्रम तैयार करने में राज्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
विश्वविद्यालय की डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. मंजुला चौधरी ने बताया कि कुलपति के निर्देशानुसार गठित कमेटी की ऑनलाइन बैठक हुई थी, जिसमें यूजी एवं यूटीडी/संस्थान द्वारा चलाए जा रहे इंटीग्रेटेड कोर्सिज में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों (यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल के छात्र) के लिए 15 प्रतिशत सीटों का प्रावधान किया है। बताया कि 28 अप्रैल को विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत केजी टू पीजी योजना के लिए कार्यान्वयन लिए गठित कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दी थी।
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