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जेएनयू का विवाद के बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र संगठन आमने-सामने, पुलिस ने किया बीच बचाव

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education - फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। जेएनयू में हिंसा के बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र संगठन आमने-सामने हो गए हैं। सोमवार दोपहर को विश्वविद्यालय के थर्ड गेट पर संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के नेतृत्व में प्रदर्शन कराने पहुंचे जन संघर्ष मंच, एसएफआई की एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की हुई। घटनास्थल पर मौजूद भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभालना पड़ा। बताया जा रहा है कि एबीवीपी और एसएफआई के दो छात्र नेताओं के बीच मारपीट तक की नौबत आ गई थी। हालांकि वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने स्थिति पर काबू पाया और दोनों छात्र संगठनों को इधर-उधर कर दिया। इस दौरान छात्र संगठनों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए और जमकर नारेबाजी की।
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एबीवीपी पर प्रदर्शनकारियों ने उनके हाथों से पट्टिका छीनने और पुतला छीनकर उसे तोड़ने का आरोप लगाया है। वहीं एसएफआई ने पुतला फूंककर विरोध जताया।
गौरतलब है कि गत दिवस जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोत्तरी के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के दौरान अज्ञात हमलावरों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में घुसकर छात्रों पर हमला किया था, जिसमें छात्र संघ अध्यक्ष सहित 30 छात्र घायल हुए हैं, जिसके विरोध में एसएफआई व जन संघर्ष मंच ने थर्ड गेट के समक्ष एकत्रित होकर एबीवीपी और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, उधर एबीवीपी कार्यकर्ता भी थर्ड गेट पर पहुंच गए और वामपंथियों के खिलाफ नारेबाजी की। एबीवीपी के केयू संयोजक हिमांशु ठाकुर, गौरव सैनी, संदीप सजुमा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने जेएनयू में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर वामपंथियों द्वारा हमला का विरोध जताया। कहा कि वामपंथी लगातार कुछ फेंक व्हाट्सएप ग्रुप के स्क्रीनशॉट तथा अपने ही नकाबपोश वामपंथी साथियों को एबीवीपी कार्यकर्ता बताकर कुछ तस्वीरें सांझा कर रहे हैं, जो फेक हैं तथा उनके स्वयं के लोगों की हिंसा में लिप्त होने को उजागर कर रही हैं वामपंथी गुंडों ने वर्तमान में पढ़ाई का माहौल पूरी तरह से खराब कर दिया है तथा पूरा माहौल हिंसा की वजह से भयग्रस्त हो गया है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन हिंसा में संलिप्त गुंडों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। उधर, एसएफआई राज्य उपाध्यक्ष विनोद गिल ने कहा कि जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष सहित शिक्षिकों सहित अन्य छात्रों पर असामाजिक तत्वों द्वारा बेरहमी से हमला किया गया। आरएसएस, एबीवीपी द्वारा समर्थित पुलिस और गुंडों ने बार-बार नागरिक संशोधन अधिनियम के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को हिंसक रूप देने की कोशिश की है। वहीं जन संघर्ष मंच हरियाणा की महासचिव सुदेश कुमारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने जेएनयू में नकाबपोश हथियारों से लैस गुंडों द्वारा कैंपस में घुसकर छात्रों व शिक्षकों पर सुनियोजित तरीके से हमले का विरोध जताया। इस मौके पर एबीवीपी की ओर से छात्र नेता श्याम रावत, चिराग रोहिला, हैरी सैनी, हैप्पी विर्क, विवेक रावत, गौरव सैनसी, सन्नी तामक, कैलाश कुमार, शुभम शर्मा ,पंकज यादव, संयुक्त छात्र संघर्ष समिति की ओर से वीरपाल, हरदीप, अंकित, डॉ. राजीव सभ्रवाल, गगन रोनी, सुमन, ज्योति, ऋतु, प्रमिला जस्सी, जन संघर्ष मंच से सचिव सोमनाथ, जिला सचिव चंद्र रेखा, ईश्वर, पिरथी, सतीश, अमन, कोमल, हरजिंदर कौर, संतोष, मीना, कविता विद्रोही, नेहा, पूजा, रवि, सुनील, कर्मजोत कौर, प्रवीण सहित अन्य मौजूद रहे।
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