करीब 100 करोड़ रुपये पर ज्यादा ब्याज के चक्कर में केयू द्वारा वित्तीय निवेश के लिए बनाई गई इंवेस्टमेंट कमेटी ने राष्ट्रीयकृत बैंक को नहीं ,बल्कि कंगाली के दौर से गुजर रहे यस बैंक को चुना था। बहरहाल यस बैंक के अधिकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन को यह विश्वास बंधा रहे हैं कि केयू का पैसा सुरक्षित है और यह राशि वह कभी भी निकाल सकते हैं।
सवाल यह उठ रहा है कि जिन हालात से यस बैंक गुजर रहा है,क्या उसके पास 100 करोड़ रुपये किसी भी समय किसी ग्राहक को देने के लिये है,वो भी उन हालात में जब यस बैंक के हालात के चलते कई तरह की बंदिशे सामने आ रही हैं।
बता दें कि केयू के 100 करोड़ रुपये कंगाल हुए यस बैंक के पास जमा है, इसमें से बड़ा शेयर यूनिवर्सिटी स्टाफ के भविष्य निधि (पीएफ) का बताया जा रहा है। यह करोड़ों रुपये ऐसे बैंक के हाथों में पहुंच चुके हैं,जो फिलहाल कंगाल होने के चर्चे आम है, मगर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी पहुंच कर यस बैंक के अधिकारियों की टीम ने यह आश्वस्त किया है कि यूनिवर्सिटी का पैसा सुरक्षित है।
बताया गया है कि यस बैंक के चंडीगढ़ रीजनल मैनेजर और उनकी टीम ने केयू प्रशासन से ना केवल उक्त करोड़ों की राशि के बारे में बात की है,बल्कि और लिखित में विश्वविद्यालय को विश्वास दिलाया कि केयू का पैसा एकदम सुरक्षित है। रीजनल मैनेजर ने यह भी आश्वासन दिया है कि अतिशीघ्र हालात सामान्य होंगे और विश्वविद्यालय इस पैसे को अपनी जरूरत के अनुसार प्रयोग कर सकता है।