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समाज को सही दिशा और दशा दे सकती शिक्षित बेटी : आचार्य देवव्रत

Sat, 11 Jun 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
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कार्यक्रम के दाौरान आचार्य देवव्रत - फोटो : amar ujala
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गुरुकुल कुरुक्षेत्र में चल रहे 5 दिवसीय आर्य वीरांगना योग एवं जीवन निर्माण शिविर का शुक्रवार को समापन हुआ। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल एवं गुरुकुल के संरक्षक आचार्य देवव्रत आर्य वीरांगनाओं को मुख्य रूप से आशीर्वाद देने पहुंचे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के प्रधान आचार्य विजय पाल रहे। 
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शिविर के अध्यक्ष नंदकिशोर आर्य ने बताया कि समारोह का शुभारंभ स्वागत गीत के साथ हुआ। आर्य वीरांगनाओं ने पिछले 4 दिनों में लिए गए प्रशिक्षण का शानदार प्रदर्शन किया। वीरांगनाओं ने योगासन, सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार, डंबल, लेजियम, स्तूप निर्माण का बेहतरीन प्रदर्शन किया।      

आर्य वीरांगनाओं को संबोधित करते हुए आचार्य देवव्रत ने कहा कि शिक्षित और संस्कारित बेटियां समाज को नई दिशा व दशा देने में सक्षम हैं। महर्षि दयानंद सरस्वती ने नारी शक्ति के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके ही प्रयासों से बेटियों को पढ़ने का अधिकार मिला तथा बाल-विवाह प्रथा समाप्त करने का सफल प्रयास किया। 
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उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि आज भी समाज के कुछ लोग बेटे और बेटियों में भेदभाव करते हैं। बेटियों को बेटों से कम आंकते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय में बेटियों ने अपनी प्रतिभा का जोरदार प्रदर्शन किया है। हर क्षेत्र में बेटियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की है, कोई भी परीक्षा हो उसमें पहले 10 स्थानों पर बेटियों ने परचम लहराया है। उन्होंने आर्य वीरांगनाओं और गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी सहित समस्त को शिविर के सफलता पर बधाई दी। 
आचार्य विजयपाल ने कहा कि बेटियों का ये प्रदर्शन केवल 5 दिनों में अविश्वसीनय है। उन्होंने सभी आर्य वीरांगनाओं से शिविर की दिनचर्या को अपने जीवन में धारण करने का आह्वान किया। वहीं सभा के मंत्री रामपाल आर्य ने भी संबोधित किया। उन्होंने गुरुकुल के वेद प्रचार विभाग के सभी प्रचारकों की प्रशंसा की। कहा कि समाज को बुराइयों से दूर करने एवं नई जागृति पैदा करने में गुरुकुल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस दौरान गुरुकुल प्रधान व सह-प्राचार्य ने आचार्य विजयपाल एवं रामपाल आर्य को शाल व स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया। 

शिविर में प्रशिक्षण देने वाली सभी शिक्षिकाओं को राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने पुरस्कृत किया। इस अवसर पर वेद प्रचार विभाग के अधिष्ठाता भोपाल सिंह आर्य, संजीव आर्य, रामनिवास गुणग्राहक, महाशय जयपाल आर्य, जगदीश आर्य, संतोष आर्य, आचार्य अमर कौर तथा सुबेप्रताप सहित बड़ी संख्या में आर्य वीरांगनाएं मौजूद रही।
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