कुरुक्षेत्र। नए बस अड्डा परिसर में बैटरी डाउन होने के बाद कतारबद्ध खड़ी ई-बसें। संवाद
कुरुक्षेत्र। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर शुक्रवार को इलेक्ट्रिक बस सेवा पर भी दिखाई दिया। नए बस अड्डे के साथ लगते फीडर से बिजली आपूर्ति नहीं मिलने के कारण ई-बसों की चार्जिंग नहीं हो सकी। इससे बैटरी डाउन होने के बाद अधिकांश बसें कतार में खड़ी हो गई और शहर से आसपास के कस्बों तक चलने वाली ई-बस सेवा पूरी तरह ठप रही।
बस सेवा प्रभावित होने से दिनभर अड्डे पर यात्री इन बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें मायूस होकर साधारण बसों पर निर्भर रहना पड़ा। कईयों ने दूसरे वैकल्किप साधनों की तलाश की। कई बसें अड्डा परिसर तो कुछ वर्कशॉप में खड़ी रहीं।
कुरुक्षेत्र में संचालित करीब 20 इलेक्ट्रिक बसों में से अधिकांश के पहिए थमे रहे। रोजाना आवागमन के लिए ई-बसों पर निर्भर रहने वाले विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने-जाने वाले मुसाफिरों को ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ी। सिटी बस सर्विस बंद होने के कारण लंबे समय तक साधारण बस का इंतजार करना पड़ा, जिसमें सवार होने के लिए मारा-मारी जैसे हालात बने रहे। शहर के भीतर आवागमन के साथ आसपास के कस्बों तक पहुंचने वाले यात्रियों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच पैदा हुए इस संकट से ई-बस सेवा की निर्भरता बिजली आपूर्ति और चार्जिंग व्यवस्था पर एक बार फिर सामने आई। यात्रियों ने मांग की है कि सभी बसों को सुचारू रूप से चलाने के प्रयास किए जाएं। यातायात प्रबंधक पवन कुमार ने कहा कि हड़ताल के चलते समस्या बनी हुई है। जैसे ही आसपास के फीडर से बिजली सप्लाई शुरू होगी, ई-बसों को चार्ज करके सवारियों की सुविधा के लिए रवाना कराया जाएगा।