संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पिछले 15 दिन के दौरान गर्मी अपना भीषण रूप दिखा चुकी है। ऐसे में न केवल पानी की लागत बढ़ गई है, बल्कि कईं क्षेत्रों में पेयजल किल्लत भी होने लगी है। इसके पीछे संसाधनों का अभाव नहीं, बल्कि लापरवाही व मनमानी ही सामने आई है। करीब 10 दिन के दौरान ही 300 से ज्यादा अवैध कनेक्शन को जनस्वास्थ्य विभाग ने बंद करवा दिया है। साथ ही, 100 से ज्यादा लोगों को नोटिस भी दिए गए हैं।
साथ ही हर ब्लॉक में निगरानी के लिए टीमें फील्ड में उतारी गई है, ताकि पानी कहीं व्यर्थ न बहे और इसका दुरुपयोग भी न हो। शनिवार को भी विभाग की टीमें पेयजल की निगरानी करती रही और शांति नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में 15 से ज्यादा जगहों पर अवैध कनेक्शन काटे, जिसके साथ ही संबंधित लोगों को चेतावनी दी कि दोबारा कनेक्शन जोड़ा तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-
अवैध कनेक्शन से तैयार की जा रही बागवानी
जनस्वास्थ्य विभाग ने फील्ड में टीम उतारी तो सामने आया कि लोगों ने पाइपलाइन पर अवैध कनेक्शन लगवाए हुए हैं, जिसके जरिए कहीं बागवानी तो कहीं सब्जी की फसल तैयार की जा रही है। कईं लोगों के खाली प्लाॅटाें में लगाई सब्जियों में ये कनेक्शन किए हुए हैं, तो किसी ने ग्रीन बेल्ट में ही बागवानी शुरू कर दी, जहां ऐसे ही कनेक्शन लगाकर पानी का प्रबंध किया जा रहा है। कईं घर ऐसे भी मिले हैं, जो पेयजल के वैध कनेक्शन से पाइपों के जरिए बागवानी तैयार कर रहे हैं।
रोजाना 25 करोड़ 40 लाख लीटर पेयजल सप्लाई
जिले के लोगों के लिए रोजाना 25 करोड़ 40 लाख 16 हजार लीटर से अधिक पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में 678 व शहरी क्षेत्र में 204 ट्यूबवेल हैं। सुबह व शाम को चार-चार घंटे पेयजल सप्लाई की जा रही है।
दो घंटे तक बढ़ाई पेयजल सप्लाई : गुरजिंद्र
विभाग के एसडीओ गुरजिंद्र सिंह ने कहा कि तय नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 135 लीटर व ग्रामीण क्षेत्र में 55 लीटर पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। निगरानी के लिए टीमें उतारी हुई है।
-
बारवा गांव में पेयजल संकट, टीम पहुंची
जिला के गांव बारवा में पेयजल संकट बना हुआ है। यह सूचना मिलते ही शनिवार को जनस्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी गई, जो अपनी रिपोर्ट सौपेंगी। वहीं कुछ ग्रामीणों ने गांव के ही कईं लोगों पर आरोप लगाए कि वे पानी सब्जी व अन्य जगहों पर अधिक प्रयोग करते हैं। विभाग ने ऐसे लोगों को कड़ी चेतावनी दी है। वहीं एसडीओ गुरजिंद्र सिंह ने कहा कि पेयजल आपूर्ति करने, रखरखाव आदि की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी हुई है जबकि बिजली बिल विभाग भर रहा है। गांव में दो ट्यूबवेल है, जिनकी दिन में दो बार सप्लाई दी जा रही है। ग्राम पंचायत से भी इस समस्या पर चर्चा की गई है।