कुरुक्षेत्र। जिले में कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्थिति यह है कि एलएनजेपी अस्पताल में हर दिन करीब 15 से 20 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार केवल जून में ही करीब 450 मरीजों ने वैक्सीन लगवाई। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी वैक्सीन लगाई जाती है। यह संख्या चिंता का विषय बन गई है। सबसे ज्यादा मामले शहर के सेक्टर क्षेत्रों से सामने आ रहे हैं, जहां आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
लोग सुबह की सैर या बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते समय इन कुत्तों का शिकार बन रहे हैं। कुछ इलाकों में तो कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आते हैं, जिससे आमजन में भय का माहौल है। एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि डॉग बाइट के मामले गंभीर हैं और इनसे बचाव के लिए समय पर वैक्सीन लेना जरूरी होता है। आमतौर पर चार से पांच डोज़ की जरूरत होती है, जो समय पर ली जानी चाहिए। अस्पताल में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन लगातार बढ़ रही संख्या से स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
नगर परिषद नहीं गंभीर
नगर परिषद की ओर से शिकायतें मिलने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आवारा कुत्तों की नसबंदी और पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की अपील की गई है।
डॉग बाइट के मामले बढ़ना चिंता का विषय : दर्शन लाल
समाजसेवी दर्शन लाल पाहवा का कहना है कि डॉग बाइट के बढ़ते मामलों ने जिले में चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। आमजन की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
सप्ताहभर में डॉग बाइट के मामले
तारीख संख्या
23 जून 34
24 जून 22
25 जून 16
26 जून 17
27 जून 20
28 जून 20
30 जून 51
क्या है रैबीज
रैबीज कुत्ते में पाया जाने वाला जीवाणु है। यह कुत्ते के काटने पर तेजी से फैल सकता है। समय पर इलाज न होने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। कुछ सावधानी बरत कर शुरुआत में ही वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। फिजिशियन डॉ. गौरव चावला के मुताबिक ऐसे मामलों में घबराने के बजाय सावधानी से काम लेना चाहिए। अक्सर लोग घरेलू टोटके अपनाते हैं। इनसे बचते हुए अच्छे चिकित्सक से उपचार कराना चाहिए।
प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत लगाएं इंजेक्शन
वैक्सीन रूम इंचार्ज नर्सिंग ऑफिसर ज्योति के मुताबिक जिस जगह पर कुत्ता काटे उसे तुरंत ही पानी से धो दें। इससे इंफेक्शन का कम हो जाता है। कुत्ते के काटने पर घाव में से खून निकलना न रोकें, ब्लड को रोकने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। घाव को नंगा रखने के बजाय ढककर रखें। इस पर मक्खी आदि न बैठने दें। एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाना चाहिए। इसमें देरी खतरनाक हो सकती है।