गांव जैनपुर में चल रहे जाट समाज के धरने में धरना दे रहे लोगों ने प्रदेश के राज्यमंत्री कृष्ण बेदी की बयानबाजी पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष बलदेव राठी ने राज्यमंत्री के बयानों की निंदा करते हुए कहा कि वे सांसद राजकुमार सैनी बनने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश के भाईचारे को बिगाड़ने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अब सरकार ने राजकुमार सैनी को पीछे करके जाट विरोध का मोर्चा शाहाबाद विधायक एवं राज्यमंत्री कृष्ण बेदी को सौंप दिया है। धरना 21वें दिन में प्रवेश कर गया है। जिसमें 36 बिरादरी के लोग एकजुट होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि जाट समाज सभी बिरादरी के लोगों को साथ लेकर चल रही है और प्रदेश भर में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के नेतृत्व में सभी बिरादरी के लाखों लोग शांतिपूर्वक धरने में बैठकर अपनी मांगें सरकार से मनवाना चाहते हैं, लेकिन सरकार के मंत्री उनका विरोध करके ओछी लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास कर रहे है।
राठी ने शनिवार को कहा कि 19 फरवरी को प्रदेशभर में चल रहे सभी धरनों पर बलिदान दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मान लेती, उनका धरना जारी रहेगा और आंदोलन को व्यापक कर दिया जाएगा। शनिवार को धरने में कुरुक्षेत्र से वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचा। धरने को अपना समर्थन देते हुए पूर्व सरकारी वकील भाग सिंह ने कहा कि समाज में भाईचारा बनाए रखकर शांतिपूर्वक धरना देना और अपनी मांगे मनवाना हर व्यक्ति का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने सरकार से धरने में बैठे जाट समाज की सभी मांगों को पूरा करने का समर्थन किया। शनिवार को धरने में महिलाओं ने जाटों की मांगों के गीत गाए।
धरने में जिले सहित करनाल के कस्बा इंद्री एवं आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने धरने में पहुंचकर अपना समर्थन दिया। धरने में वकील भाग सिंह, गुरप्रीत बाछल, राजेंद्र कुश, विकास तोमर, राजेश मोरथला, रविंद्र सांगवान, मोहन सिह लाडवा, प्रवीण बैनीवाल, गुरलाल सिंह सहित इंद्री कस्बे से रामपाल चहल, सुलेख चंद, सतिंद्र चहल, कुलदीप सिह, अंकुश, चहल, इलम सिंह मलिक, नरेशचंद श्योराण, वेद मंढान, हरपाल मंढान, शमशेर सिंह, प्रदीप, विक्की, नफे सिंह, महेंद्र सिंह, पूर्ण सिंह, जयभगवान, राजकुमार, रामगोपाल, कमलदीप, निर्मल कुमार, वीरेंद्र, जसविंद्र, साहिल, प्रिंस, कर्मबीर, बनारसी तथा सुरता राम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुषों ने धरने में पहुंचकर अपना समर्थन दिया।